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उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 23 सीनियर IAS अधिकारियों का तबादला कर दिया। इनमें 10 जिलों के जिलाधिकारी (DM) भी शामिल हैं। कुछ अधिकारियों को उनके अच्छे काम का इनाम मिला, तो कुछ को विवादों या राजनीतिक कारणों से हटाया गया।
🔄 जिलों के DM के बड़े बदलाव
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गोरखपुर:
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पुराने DM: कृष्णा करुणेश
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नए DM: दीपक मीणा (पहले गाजियाबाद के DM थे)
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तबादले की वजह: महिला सिपाही विवाद और 3 साल का कार्यकाल पूरा होना
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बहराइच:
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पुरानी DM: मोनिका रानी
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नए DM: अक्षय त्रिपाठी (ललितपुर से स्थानांतरण)
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तबादले की वजह: 27 अफसरों का वेतन रोकना और विवादों में रहना
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गोंडा:
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पुरानी DM: नेहा शर्मा
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नए DM: प्रियंका निरंजन (पहले मिर्जापुर की DM)
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तबादले की वजह: राजनीतिक तनाव और 2 साल का कार्यकाल पूरा होना
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मिर्जापुर:
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नई DM: पवन कुमार गंगवार
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तबादले की वजह: अनुप्रिया पटेल से विवाद के बाद प्रियंका निरंजन को हटाया गया
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गाजियाबाद:
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पुराने DM: दीपक मीणा
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नए DM: रविंद्र मंदर (पहले प्रयागराज के DM थे)
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प्रयागराज:
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नए DM: मनीष वर्मा (गौतमबुद्धनगर से स्थानांतरित)
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गौतमबुद्धनगर (नोएडा):
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नई DM: मेधा रूपम (पहले कासगंज की DM थीं)
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कासगंज:
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नए DM: प्रणय सिंह (पहली बार DM बने हैं)
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कानपुर देहात:
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नए DM: कपिल सिंह (पहली बार DM बने हैं)
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पुराने DM: आलोक सिंह, जिन्हें राज्य संपत्ति अधिकारी बना दिया गया
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ललितपुर:
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नए DM: अमनदीप खुल्ली (पहली बार DM बने हैं)
🎖️ जिन्हें मिला प्रमोशन या बड़ी जिम्मेदारी
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दीपक मीणा (गाजियाबाद से गोरखपुर): कांवड़ यात्रा और जनसुनवाई में शानदार काम का इनाम
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मेधा रूपम (कासगंज से नोएडा): बेहतर प्रशासनिक कार्य के लिए बड़ा जिला
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रविंद्र मंदर (प्रयागराज से गाजियाबाद): महाकुंभ की तैयारी में अच्छा काम
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अक्षय त्रिपाठी (ललितपुर से बहराइच): PM अवॉर्ड विजेता अफसर
🆕 पहली बार DM बने ये 4 अफसर
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प्रणय सिंह: कासगंज
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कपिल सिंह: कानपुर देहात
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पवन कुमार गंगवार: मिर्जापुर
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अमनदीप खुल्ली: ललितपुर
🗂️ अन्य महत्वपूर्ण तबादले
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राजेश कुमार: अयोध्या मंडलायुक्त
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गौरव दयाल: गृह विभाग सचिव
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मिनिष्ती एस: गन्ना आयुक्त
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प्रमोद उपाध्याय: समाज कल्याण विभाग के सचिव
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सारिका मोहन: वित्त विभाग की सचिव
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अमृत त्रिपाठी: उच्च शिक्षा विभाग के सचिव
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विमल दुबे: बीड़ा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी
✅ निष्कर्ष:
इस बार के तबादलों में साफ दिखता है कि कुशल प्रशासन, जनसुनवाई, चुनावी संतुलन और राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखकर निर्णय लिए गए हैं। साथ ही, कई अफसरों को पहली बार जिले की कमान सौंपकर उन्हें बड़ा मौका भी दिया गया है।
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