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राजस्थान के झुंझुनूं जिले के मौजावास गांव में एक बड़ी समस्या सामने आई है। यहां एक ही गांव का नाम अलग-अलग सरकारी दस्तावेजों में अलग-अलग लिखा हुआ है, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है।
अलग-अलग जगह अलग नाम
कहीं गांव का नाम मौजावास, कहीं मोजावास, तो कहीं मौजास या मोजास लिखा है। स्कूल, पंचायत और पशु अस्पताल—तीनों जगह नाम अलग-अलग दर्ज है।
दस्तावेजों में भी गड़बड़ी
आधार कार्ड, राशन कार्ड, पैन कार्ड, वोटर लिस्ट और राजस्व रिकॉर्ड में भी गांव का नाम अलग-अलग लिखा हुआ है। इससे लोगों के काम अटक जाते हैं।
विद्यार्थियों को सबसे ज्यादा दिक्कत
इस गड़बड़ी का सबसे ज्यादा असर छात्रों पर पड़ रहा है। फॉर्म भरते समय दस्तावेज मैच नहीं होते, जिससे आवेदन रिजेक्ट हो जाते हैं।
ग्रामीणों की परेशानी बढ़ी
लोगों को दस्तावेज सही कराने के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इससे समय और पैसा दोनों खर्च हो रहा है।
इतिहास में सही नाम ‘मौजावास’
गांव के बुजुर्गों के अनुसार, असली नाम मौजावास ही है, जो पुराने समय से चला आ रहा है।
प्रशासन से मांग
ग्रामीणों का कहना है कि सभी सरकारी रिकॉर्ड में एक ही नाम किया जाए, ताकि उन्हें आगे परेशानी न हो।
कुल मिलाकर, यह मामला प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण है, जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
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