नई दिल्ली/मॉस्को: भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में पाकिस्तान में स्थित आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया है। यह कार्रवाई कश्मीर के पहलगाम में हुए बर्बर आतंकी हमले के जवाब में की गई। इस ऑपरेशन के बाद रूस की प्रतिक्रिया सामने आई है, जिसमें उसने भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर चिंता जाहिर की है।
आतंक के खिलाफ भारत की सख्त कार्रवाई
भारत ने साफ कर दिया है कि आतंकवाद को पनाह देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान के आतंकी अड्डों को सफलतापूर्वक तबाह किया। यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी चर्चा का विषय बन गई है।
रूस की प्रतिक्रिया: संयम और संवाद की अपील
रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जाखारोवा ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि, “हम पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव से चिंतित हैं। रूस आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा करता है।” उन्होंने आगे कहा कि दुनिया को एकजुट होकर आतंकवाद से मुकाबला करना चाहिए।
शांति की दिशा में रूस की उम्मीद
जाखारोवा ने क्षेत्रीय स्थिरता के लिए दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की। उन्होंने कहा, “हम आशा करते हैं कि भारत और पाकिस्तान अपने मतभेदों को 1972 के शिमला समझौते और 1999 के लाहौर घोषणापत्र के तहत शांतिपूर्ण और कूटनीतिक ढंग से सुलझाएंगे।”
वैश्विक समर्थन की आवश्यकता
रूसी प्रवक्ता ने यह भी जोड़ा कि आतंकवाद एक वैश्विक चुनौती है और इसका समाधान केवल सामूहिक अंतरराष्ट्रीय प्रयासों से ही संभव है। भारत के इस ऑपरेशन के बाद, जहां एक ओर पाकिस्तान दबाव में नजर आ रहा है, वहीं दूसरी ओर विश्व शक्तियाँ इस मुद्दे को शांति से सुलझाने की अपील कर रही हैं।
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