कीव/मॉस्को: यूक्रेन और रूस के बीच चल रही जंग अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। यूक्रेन ने रूस की वायुसेना को सीधा निशाना बनाते हुए उसके सामरिक बमवर्षक विमानों पर बड़ा ड्रोन हमला किया है। इस हमले को यूक्रेन की सुरक्षा सेवा (SBU) के प्रमुख वसील माल्युक ने लीड किया और इसे “ऑपरेशन स्पाइडर्स वेब” नाम दिया गया।
रूस को हुआ 7 अरब डॉलर का नुकसान!
यूक्रेन का दावा है कि इस हमले में रूस के कुल 41 बॉम्बर्स को निशाना बनाया गया। वसील माल्युक के अनुसार, रूस के लगभग 34% रणनीतिक क्रूज मिसाइल वाहक या तो पूरी तरह नष्ट हो गए हैं या फिर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसका अनुमानित आर्थिक नुकसान $7 बिलियन (लगभग ₹58,000 करोड़) से ज्यादा बताया गया है।
किन विमानों को बनाया गया निशाना?
यूक्रेन के मुताबिक, इस हमले में रूस के कई अत्याधुनिक और परमाणु सक्षम बॉम्बर्स को निशाना बनाया गया, जिनमें शामिल हैं:
-
A-50 (एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम)
-
Tupolev Tu-95 (रणनीतिक बॉम्बर)
-
Tu-22M3 (सुपरसोनिक लॉन्ग-रेंज बॉम्बर)
-
Tu-160 (परमाणु सक्षम सुपरसोनिक बॉम्बर)
ये सभी विमान रूस के परमाणु और क्रूज़ मिसाइल शस्त्रागार की रीढ़ माने जाते हैं।
कैसे अंजाम दिया गया ऑपरेशन?
इस बड़े हमले के पीछे महीनों की खुफिया रणनीति छिपी थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, 117 सुसज्जित ड्रोन्स के ज़रिए रूस के 5 प्रमुख एयरबेस पर एक साथ हमला किया गया। ड्रोन रूस के अंदर तक ट्रकों में छिपा कर पहुंचाए गए थे। ये हमले यूक्रेन की खुफिया एजेंसियों द्वारा लगभग डेढ़ साल की योजना और तैयारी के बाद अंजाम दिए गए।
रूस की प्रतिक्रिया और हालात
रूस इस हमले से ग़ुस्से में है और बदले की कार्रवाई करते हुए यूक्रेन के कई शहरों पर मिसाइल और ड्रोन हमले कर चुका है। हालांकि, सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि यह हमला रूस की वायुशक्ति के लिए एक गहरा झटका है और युद्ध की दिशा को बदल सकता है।
CHANNEL009 Connects India
