मेलबर्न:
ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक चाइल्डकेयर वर्कर पर 70 से अधिक यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं। इसके बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने 1,200 से अधिक बच्चों की संक्रमण संबंधी जांच कराने की सिफारिश की है।
26 वर्षीय जोशुआ ब्राउन, जो मेलबर्न का रहने वाला है, को मई में गिरफ्तार किया गया था। उस पर आठ अलग-अलग बच्चों के साथ यौन अपराधों में लिप्त होने के आरोप हैं। ये सभी बच्चे पांच महीने से दो साल की उम्र के थे और क्रिएटिव गार्डन अर्ली लर्निंग सेंटर में अप्रैल 2022 से जनवरी 2023 के बीच भर्ती थे।
20 से अधिक चाइल्डकेयर केंद्रों में काम कर चुका है आरोपी
जांचकर्ताओं ने पाया कि ब्राउन ने जनवरी 2017 से मई 2025 के बीच मेलबर्न के 20 अलग-अलग चाइल्डकेयर सेंटर्स में काम किया था। अब पुलिस एक दूसरे केंद्र में भी संभावित अपराधों की जांच कर रही है।
इस मामले की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस की यौन अपराध इकाई ने व्यापक छानबीन शुरू की है। पुलिस के अनुसार, जांच की शुरुआत तब हुई जब बाल यौन शोषण से संबंधित सामग्री पाई गई — कोई प्रत्यक्ष शिकायत नहीं की गई थी।
स्वास्थ्य विभाग ने दी परीक्षण की सलाह
विक्टोरिया के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी क्रिश्चियन मैक्ग्राथ ने बताया कि अब तक करीब 2,600 परिवारों से संपर्क किया गया है और उनमें से 1,200 बच्चों को संक्रमण की जांच करवाने की सलाह दी गई है।
उन्होंने प्रेस को बताया:
“हालांकि जोखिम कम है, लेकिन यह कदम एहतियातन उठाया गया है। हम चाहते हैं कि माता-पिता को अपने बच्चों की सेहत को लेकर भरोसा मिले।”
पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था
पुलिस के अनुसार, ब्राउन का पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था और उसके पास बच्चों के साथ काम करने का वैध परमिट था, जिसे अब रद्द कर दिया गया है।
वर्तमान में जोशुआ ब्राउन पुलिस हिरासत में है और उसे 15 सितंबर को मेलबर्न मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया जाएगा।
पहचान उजागर करने का दुर्लभ फैसला
पुलिस कमांडर जैनेट स्टीवेंसन ने बताया कि ब्राउन की पहचान पर लगी गोपनीयता की रोक (suppression order) हटाई गई ताकि सार्वजनिक रूप से माता-पिता को सतर्क किया जा सके।
उन्होंने कहा:
“यह असामान्य फैसला था, लेकिन जरूरी था। हम चाहते हैं कि हर वह अभिभावक जिसे संदेह है कि उसका बच्चा कभी आरोपी के संपर्क में रहा हो, सच जान सके।”
मामले ने चाइल्ड सेफ्टी सिस्टम पर खड़े किए सवाल
यह मामला ऑस्ट्रेलिया में बाल सुरक्षा नीतियों और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठा रहा है। यह भी चिंता का विषय है कि आरोपी कई वर्षों तक नौनिहालों के बीच काम करता रहा, जबकि कोई चेतावनी नहीं मिली।
अब स्वास्थ्य और कानून प्रवर्तन एजेंसियां मिलकर यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही हैं कि ऐसा अपराध दोबारा न हो और संभावित पीड़ितों की पहचान कर उन्हें उचित मदद दी जा सके।
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