इजरायली हमलों के बाद ट्रंप ने परमाणु समझौते को लेकर ईरान पर बढ़ाया दबाव
मिडिल ईस्ट, 13 जून 2025 — इजरायल की ओर से ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों पर किए गए हमले के बाद अब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कड़ा रुख अपनाया है। एक प्रेस बयान में ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर वह परमाणु समझौते को लेकर बातचीत में गंभीरता नहीं दिखाता, तो अगली सैन्य कार्रवाई पहले से कहीं अधिक गंभीर और विध्वंसकारी हो सकती है।
“समझौते की टेबल पर लौटें या परिणाम भुगतें” – ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति ने शुक्रवार सुबह अपने बयान में कहा:
“हम ईरान से फिर अपील करते हैं कि वह परमाणु गतिविधियों को लेकर समझौते की प्रक्रिया में संलग्न हो। अगर बातचीत विफल होती है, तो जो हुआ है वह सिर्फ एक शुरुआत थी। अगली कार्रवाई कहीं ज्यादा शक्तिशाली हो सकती है।”
इजरायल का हमला: 6 रणनीतिक ठिकाने नष्ट, वैज्ञानिकों की मौत की खबर
इजरायल ने शुक्रवार को ईरान के:
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4 न्यूक्लियर साइट्स, और
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2 सैन्य अड्डों
को टारगेट करते हुए हवाई हमला किया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हमले में ईरान के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों और परमाणु वैज्ञानिकों की मौत हो गई है। इस ऑपरेशन को इजरायल ने “ऑपरेशन राइजिंग लॉयन” नाम दिया है।
अमेरिका का स्पष्ट संदेश: अब धैर्य की सीमा खत्म
ट्रंप प्रशासन का यह रुख इस ओर संकेत करता है कि अमेरिका अब ईरान की टालमटोल नीति से नाराज़ है। पिछले कुछ महीनों से चल रही परमाणु बातचीत में प्रगति नहीं हो पाने से अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की चिंता गहराई है।
📌 निष्कर्ष: क्या यह कूटनीतिक चेतावनी है या युद्ध की भूमिका?
ट्रंप की तीखी चेतावनी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका अब केवल बातचीत तक सीमित नहीं रहेगा। यदि ईरान समझौते के लिए आगे नहीं बढ़ा, तो आने वाले दिन मिडिल ईस्ट के लिए और अधिक उथल-पुथल ला सकते हैं।
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