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केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि दुनिया में कच्चे तेल की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि भारत के पास अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए काफी रिफाइनरी क्षमता है।
पुरी ने कहा कि हाल ही में कच्चे तेल का उत्पादन प्रतिदिन 10.5 करोड़ बैरल था, लेकिन ओपेक प्लस ने अपनी इच्छा से करीब 50 लाख बैरल प्रतिदिन की कटौती की है। इससे उत्पादन की मात्रा घटकर 9.7 करोड़ बैरल पर आ गई है।
उन्होंने बताया कि भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद, चीजें जल्दी सामान्य होंगी। उन्होंने कहा कि इससे सभी को प्रभावित हो सकता है, इसलिए इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश नहीं करना चाहिए।
पुरी ने यह भी बताया कि उत्पादन कटौती के कारण तेल की कीमतें प्रभावित होती हैं। कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमत में बीमा लागत, माल ढुलाई की लागत, रिफाइनरी मार्जिन और डीलर का मार्जिन शामिल होता है।
भारत में अब भी पेट्रोल और डीजल की कीमतें दुनिया में सबसे कम हैं, जिसका कारण सरकार द्वारा केंद्रीय उत्पाद शुल्क को कम करना है। उन्होंने कहा कि ईरान-इजराइल युद्ध और अन्य तनावों के बावजूद, आज तेल की कीमतें 72-73 डॉलर प्रति बैरल के आसपास होनी चाहिए। साथ ही, बाजार में नया तेल आ रहा है, जिससे स्थिति में सुधार की उम्मीद है।
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