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कानपुर:
कांग्रेस नेता और 2024 लोकसभा चुनाव में कानपुर से प्रत्याशी रहे आलोक मिश्रा ने कांग्रेस के 84वें अधिवेशन में बड़ा बयान दिया है। गुजरात के अहमदाबाद में चल रहे इस अधिवेशन में उन्होंने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के सामने अपनी बात रखी।
कांग्रेस शहर अध्यक्ष पर सवाल
आलोक मिश्रा ने कहा कि जिस व्यक्ति का एक बेटा भाजपा में और दूसरा बेटा सपा में हो, क्या वह कांग्रेस का शहर अध्यक्ष बनने के लायक है? उन्होंने यह सवाल सीधे राहुल गांधी और खड़गे से पूछा। उनका इशारा बिना नाम लिए वर्तमान महानगर कांग्रेस अध्यक्ष पवन गुप्ता की तरफ था।
आलोक मिश्रा ने खुद का अनुभव साझा किया
आलोक मिश्रा ने बताया कि वह 1982 से कांग्रेस से जुड़े हुए हैं। 2024 लोकसभा चुनाव में उन्हें कांग्रेस प्रत्याशी बनने का मौका मिला था, जिसमें उन्हें 4 लाख से ज्यादा वोट मिले। उन्होंने कहा कि 1947 के बाद कांग्रेस को कानपुर में इतने वोट कभी नहीं मिले।
शहर अध्यक्ष को चुनाव नहीं लड़ने देने का सुझाव
मिश्रा ने मंच से सुझाव दिया कि एक नियम बनाना चाहिए कि शहर अध्यक्ष केवल संगठन के काम के लिए रहे और चुनाव में प्रत्याशी न बने। वरना हर जिला और शहर अध्यक्ष चुनाव लड़ने के लिए ही पद पर बैठेगा।
कांग्रेस में आंतरिक कलह उजागर
आलोक मिश्रा का यह बयान कानपुर में चर्चा का विषय बन गया है। उनका कहना था कि कांग्रेस में हम भाजपा से बाद में लड़ते हैं, पहले आपस में ही लड़ते हैं। अब देखना होगा कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और खड़गे उनके इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।
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