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कानपुर के जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने अर्बन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), कैंट का अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल की हालत देख कर डीएम हैरान रह गए।
अस्पताल में 13 कर्मचारियों का स्टाफ है, लेकिन एक भी डॉक्टर मौके पर मौजूद नहीं था। डीएम ने रजिस्टर चेक किया और कर्मचारियों से बातचीत की। उन्होंने पाया कि अस्पताल स्थायी रूप से नहीं, बल्कि अस्थायी व्यवस्था पर चल रहा है, जो सरकार की मंशा के खिलाफ है।
यहां दो डॉक्टरों की तैनाती है, लेकिन उन्हें सिर्फ दो-दो दिन की ड्यूटी दी गई है। डॉक्टर अनामिका वर्मा मई के मध्य से अनुपस्थित हैं और बाद में उन्होंने छुट्टी (CCL) की अर्जी दी है।
डीएम को जानकारी मिली कि 1 जनवरी से अब तक यहां हफ्ते में सिर्फ एक या दो मरीज ही आते हैं। कई बार तो कोई मरीज भी नहीं आता। डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण ओपीडी सही तरीके से नहीं चल रही।
डीएम ने इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ (मुख्य चिकित्सा अधिकारी) को निर्देश दिए हैं कि वे खुद पीएचसी कैंट का निरीक्षण करें और जांच करें कि कितने दिन अस्पताल में न डॉक्टर आए और न ही कोई मरीज।
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