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नई दिल्ली। राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने मीडिया में उनके खिलाफ चल रहे अभियान पर अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा, “दिन-रात सभापति के खिलाफ अभियान चल रहा है। यह अभियान सिर्फ मेरे खिलाफ नहीं, बल्कि मेरी तरह के सभी लोगों के खिलाफ है।”
विपक्ष पर संविधान का उल्लंघन करने का आरोप
धनखड़ ने कहा कि मुख्य विपक्षी दल उनके खिलाफ अभियान चला रहा है। उन्होंने कहा, “विपक्ष को प्रस्ताव लाने का अधिकार है, लेकिन संविधान का पालन करना चाहिए। आपने नोटिस दिया, हमने उसे स्वीकार किया। लेकिन आप संवैधानिक प्रक्रिया से हटकर बयान जारी कर रहे हैं और सवाल उठा रहे हैं। कानून के अनुसार, नोटिस के 14 दिन बाद चर्चा होती है। लेकिन आपने गलत तरीके से अभियान शुरू कर दिया।”
किसान पुत्र होने पर गर्व
जगदीप धनखड़ ने गर्व से कहा, “मैं किसान का बेटा हूं। मैं कभी कमजोरी नहीं दिखाऊंगा। देश के लिए मर-मिटने को तैयार हूं। लेकिन कुछ लोगों को यह परेशानी है कि किसान का बेटा इस पद पर क्यों है। मैं यह सब देखता हूं और पीड़ा महसूस करता हूं।”
विपक्ष और सदन के नेता से अपील
धनखड़ ने विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे और सदन के नेता से अपील की कि वे उनके कक्ष में आकर बातचीत करें। उन्होंने कहा, “मैं इस गतिरोध को समाप्त करना चाहता हूं। सदन में जो हो रहा है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। यह देश के लिए अच्छा नहीं है। मैं संविधान के नाम पर आपसे अनुरोध करता हूं कि आप मेरे साथ बैठकर चर्चा करें। हमें मिलकर इस सम्मानित सदन की गरिमा बनाए रखनी होगी।”
सदन चलाने की अहमियत पर जोर
उन्होंने कहा, “सदन चलाना देश और समाज के लिए जरूरी है। मैं खरगे जी और सदन के नेता से फिर अपील करता हूं कि वे समय निकालें, मेरे साथ बैठें और इस गतिरोध का समाधान निकालें। हमें देश की उम्मीदों पर खरा उतरना होगा।”
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