वॉशिंगटन:
सोमवार दोपहर को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तकनीकी समस्या से परेशान होकर आम लोगों की तरह अपने नेटवर्क प्रोवाइडर पर गुस्सा निकालते नजर आए।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “ट्रुथ सोशल” पर लगातार दो पोस्ट में कहा कि वह देशभर के धार्मिक नेताओं के साथ एक महत्वपूर्ण कॉन्फ्रेंस कॉल करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन तकनीकी गड़बड़ी के कारण कॉल शुरू ही नहीं हो पाई।
“AT&T अपनी मशीनें ठीक से चलाने में असमर्थ है। यह दूसरी बार है जब ऐसा हुआ है। अगर AT&T के बॉस, जो भी हों, खुद इसमें शामिल हों तो अच्छा होगा,” ट्रंप ने लिखा।
“AT&T को अब खुद को संभालना चाहिए,” उन्होंने अगली पोस्ट में जोड़ा।
📞 कॉल में थी हजारों धर्मगुरुओं की भागीदारी
यह कॉल राष्ट्रपति के सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल नहीं थी, लेकिन व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया कि करीब 8,000 से 10,000 ईसाई, यहूदी और मुस्लिम धर्मगुरु इस कॉल में शामिल थे। यह राष्ट्रपति द्वारा शुरू की गई एक नियमित पहल का हिस्सा है, जिसके तहत वे समय-समय पर धार्मिक नेताओं से संवाद करते रहेंगे।
📶 AT&T ने दी सफाई
AT&T ने व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव के पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने सीधे व्हाइट हाउस से संपर्क किया है और स्थिति को समझने के लिए तेजी से काम कर रहे हैं।
बाद में सोमवार रात AT&T ने X (पूर्व ट्विटर) पर एक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि:
“यह समस्या हमारे नेटवर्क से नहीं, बल्कि कॉन्फ्रेंस कॉल प्लेटफॉर्म में आई गड़बड़ी से उत्पन्न हुई। हम इस तकनीकी रुकावट को समझने और भविष्य में इससे बचने के लिए कार्य कर रहे हैं।”
⏱ कॉल हुई देर से शुरू
व्हाइट हाउस के अनुसार, तकनीकी समस्या का समाधान होने के बाद कॉल करीब 20 मिनट की देरी से शुरू हुई। इस दौरान ट्रंप ने लगभग 15 मिनट तक भाषण दिया, जिसमें उन्होंने टैक्स क्रेडिट, इज़राइल-ईरान संघर्ष विराम, अफ्रीकी शांति समझौते और एंटी-अबॉर्शन कार्यकर्ताओं को दी गई माफी जैसे मुद्दों को रेखांकित किया।
निष्कर्ष:
यह घटना दिखाती है कि तकनीकी समस्याएं किसी को भी परेशान कर सकती हैं — चाहे वह एक आम व्यक्ति हो या दुनिया के सबसे ताकतवर देशों में से एक का राष्ट्रपति। ट्रंप की इस सार्वजनिक शिकायत से जहां AT&T पर दबाव बढ़ा, वहीं इससे उनके सीधे और स्पष्ट सोशल मीडिया व्यवहार की झलक भी मिली।
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