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खाद्य सुरक्षा एवं आयुर्वेदिक नियंत्रण के दृष्टिकोन से मंगलवार को शहर में एक अभियान शुरू किया गया। इस अभियान का उद्देश्य निम्न गुणवत्ता के तेल का उपयोग करने वाले व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई करना था। इस अभियान के अंतर्गत, शहर में समोसा-कचौरी बनाने वाले 6 प्रमुख दुकानों पर छापा मारा गया, जहां से निम्न गुणवत्ता का तेल मिला।
खाद्य सुरक्षा टीम ने सभी दुकानों से इस तेल को हटा दिया और सैंपल लिया। कार्रवाई के बाद, अधिक खाद्य सुरक्षा एवं आयुर्वेदिक नियंत्रण अधिकारी पंकज आज़ा ने दुकानदारों को टीपीसी मीटर रखने के निर्देश दिए, जिसकी मदद से तेल की गुणवत्ता की निगरानी की जा सकती है। टीपीसी मीटर का मानक 25 प्रतिशत से अधिक होने पर तेल का उपयोग अनुपयुक्त माना जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है।
6 दुकानों में से किसी के तेल में मानक गुणवत्ता नहीं मिला। इस अभियान के अंतर्गत, विभिन्न प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई, जैसे कि मैसर्स सोढ़ानी स्वीट्स, कोटा कचौरी कमल एंड कंपनी, मैसर्स गोपीनाथ कचोरी, आनंद स्वीट्स, मैसर्स शंकर समोसा सेंटर, और रावत मिष्ठान भंडार। इन स्थानों पर कढ़ाई में निकाले गए तेल के सैंपल लिए गए और सामग्री को नष्ट कर दिया गया। अब स्वच्छता न मिलने या निम्न गुणवत्ता के तेल का उपयोग करने पर, लाइसेंस निरस्त किया जाएगा।
यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा अधिकारियों रतन गोदारा, दीपक कुमार सिंधी, राजेश कुमार नागर, रमेश चंद यादव, नरेंद्र शर्मा, पवन कुमार गुप्ता, अवधेश गुप्ता, और नंद किशोर कुमावत के सहयोग से की गई।
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