तेहरान: ईरान और इज़रायल के बीच जारी संघर्ष ने बुधवार को एक और खतरनाक मोड़ ले लिया, जब ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के राष्ट्र को संबोधित करने के कुछ ही समय बाद इज़रायल ने राजधानी तेहरान में हवाई हमला कर दिया। यह हमला तेहरान के लवीजान क्षेत्र में हुआ, जिसे लेकर आशंका जताई जा रही है कि यह स्थान खामेनेई के कथित सुरक्षित आश्रय स्थलों में से एक हो सकता है।
हमले के बाद राजधानी और आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। रक्षा सूत्रों का कहना है कि हमले की टाइमिंग और निशाना बने स्थान को देखकर यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या खामेनेई ही इस हमले का संभावित लक्ष्य थे।
ईरान ने आत्मसमर्पण से किया इनकार
ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई ने हाल ही में अपने दूसरे सार्वजनिक भाषण में स्पष्ट कहा कि ईरानी जनता किसी भी प्रकार की धमकी या दबाव में नहीं झुकेगी। उन्होंने कहा कि, “जो भी ईरान, उसकी संस्कृति और इतिहास को जानता है, वह जानता है कि यह राष्ट्र किसी के आगे नहीं झुकता। अमेरिका को यह समझ लेना चाहिए कि कोई भी सैन्य हस्तक्षेप उसे गंभीर नुकसान पहुंचाएगा।”
उनका यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस चेतावनी के बाद आया जिसमें उन्होंने “बिना शर्त आत्मसमर्पण” की मांग की थी। ट्रंप ने यहां तक कहा था कि अमेरिका को खामेनेई की मौजूदगी की पूरी जानकारी है, लेकिन अभी उनके खिलाफ कोई सीधी कार्रवाई की योजना नहीं है।
अमेरिका की स्थिति और भूमिका
हालांकि ट्रंप ने शुरुआत में इज़रायल के अचानक हुए हमले से खुद को अलग दिखाने की कोशिश की, लेकिन हाल के दिनों में उनकी ओर से ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि अमेरिका इस टकराव में और गहराई से शामिल हो सकता है। अमेरिका ने क्षेत्र में अतिरिक्त सैन्य जहाज और विमान तैनात कर दिए हैं और संकेत दिया है कि केवल युद्धविराम से बात खत्म नहीं होगी।
ईरान का सख्त जवाब
ईरान ने अमेरिकी बयानों और दबाव को सिरे से खारिज करते हुए, एक्स (पूर्व ट्विटर) पर बयान दिया:
“ईरान कभी भी दबाव में न तो बातचीत करेगा और न ही शांति को स्वीकार करेगा। हम धमकी का जवाब धमकी से देंगे और हर कार्रवाई का उत्तर अपने उपायों से देंगे।”
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी ईरानी नेता ने आज तक अमेरिका से दया की गुहार नहीं लगाई है, और अमेरिका द्वारा दिए जा रहे “सुप्रीम लीडर को हटाने” जैसे बयान केवल उसकी कायरता को दर्शाते हैं।
क्या लवीजान पर हमला कोई संदेश था?
विश्लेषकों का मानना है कि लवीजान जैसे संवेदनशील स्थान पर हमला सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि एक रणनीतिक संदेश भी हो सकता है। यह हमला उस समय हुआ जब खामेनेई का वीडियो संबोधन अभी ताज़ा ही था, जिसमें उन्होंने अमेरिका और इज़रायल को कड़ी चेतावनी दी थी।
हालांकि, अभी तक ईरान की ओर से इस हमले में किसी तरह की हताहत या क्षति की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है।
CHANNEL009 Connects India
