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राजस्थान में इस सत्र से शुरू होने वाली बालिका सैन्य अकादमी अब मिलिट्री स्कूलों की तरह संचालित होगी। सरकार ने तय किया है कि इसका संचालन सामान्य सरकारी स्कूलों के साथ नहीं, बल्कि पूरी तरह सैन्य स्कूल मॉडल पर किया जाएगा।
सीकर और बीकानेर में शुरू होगी अकादमी
इस साल सीकर और बीकानेर में बालिका सैन्य अकादमी शुरू की जा रही है। इसके लिए कुल 160 सीटें हैं, जिन पर करीब 13,000 आवेदन आए हैं। इससे साफ है कि बेटियों में सेना में जाने का जबरदस्त उत्साह है।
छठी कक्षा से मिलेगा प्रवेश
अब अकादमी में छठी कक्षा से ही प्रवेश दिया जाएगा। इसके लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित होगी। पहले दसवीं पास छात्रों को लेने की योजना थी, लेकिन अब कम उम्र से ही सैन्य प्रशिक्षण देने का फैसला किया गया है।
कहां से होगा संचालन
सीकर जिले में बालिका सैन्य अकादमी की शुरुआत फिलहाल मोहनपुरा गांव स्थित महाराव शेखाजी सैन्य अकादमी भवन से होगी। यह व्यवस्था अस्थायी होगी। आगे चलकर बालिका और बालक दोनों सैन्य अकादमियों के लिए स्थायी भवन यहीं बनाए जाएंगे।
बालक और बालिका दोनों के लिए तैयारी
सीकर में भविष्य में बालक सैन्य अकादमी भी शुरू करने की योजना है। यदि सरकार से इसी सत्र में मंजूरी मिल जाती है, तो दोनों अकादमियां साथ-साथ चलेंगी।
क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी
अकादमी में छात्रों को ये सुविधाएं मिलेंगी:
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छात्रावास
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खेल मैदान
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तैराकी पूल
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कंप्यूटर लैब
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पुस्तकालय
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शारीरिक और सैन्य प्रशिक्षण की पूरी व्यवस्था
क्यों की गई बालिका सैन्य अकादमी की घोषणा
शेखावाटी क्षेत्र का सेना से पुराना नाता रहा है। बेटियों में बढ़ते सैन्य जुनून को देखते हुए सरकार ने पहले चरण में बालिका सैन्य अकादमी शुरू करने का फैसला किया।
क्या बोले संस्थान के अध्यक्ष
महाराव शेखाजी संस्थान के अध्यक्ष राव राजेन्द्र सिंह ने कहा कि शेखावाटी की धरती हमेशा से वीर सैनिकों की रही है। संस्थान का लक्ष्य है कि यहां से लगातार युवा सेना में जाएं। सरकार से मिलिट्री स्कूल की तर्ज पर अकादमी संचालन पर सकारात्मक चर्चा हुई है और कोशिश है कि बालक सैन्य अकादमी भी इसी सत्र से शुरू हो।
कुल मिलाकर, राजस्थान की बेटियों के लिए सेना में जाने का यह एक बड़ा और सुनहरा अवसर माना जा रहा है।
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