खान यूनिस, गाज़ा |
गाज़ा में मंगलवार को मानवीय संकट और गहरा गया जब खान यूनिस इलाके में खाद्य सहायता प्राप्त करने के लिए एकत्र हुए लोगों पर इज़रायली टैंकों ने गोलाबारी कर दी। स्थानीय चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार, कम से कम 59 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, और 221 से अधिक घायल हुए, जिनमें से कई की हालत गंभीर बनी हुई है।
“हम बस अपने बच्चों के लिए आटा लेने गए थे”
एक चश्मदीद, अलाआ, ने नासेर अस्पताल में बताया, “हमें एकदम से आगे बढ़ने दिया गया, फिर अचानक टैंक से गोले गिरने लगे। लोग बुरी तरह चीखते-चिल्लाते इधर-उधर भागने लगे।”
उन्होंने रोते हुए कहा, “लोग मर रहे हैं, टुकड़ों में बंट रहे हैं, सिर्फ अपने बच्चों को खाना देने के लिए। यह इंसानियत नहीं है।”
इज़रायली सेना ने स्वीकारा फायरिंग का तथ्य
इज़राइली डिफेंस फोर्स (IDF) ने एक बयान में पुष्टि की कि उन्होंने खान यूनिस के एक सहायता वितरण ट्रक के पास “भीड़ की गतिविधि” नोटिस की थी और इस दौरान IDF के सैनिक भी वहां तैनात थे। बयान में कहा गया, “हम घटनाक्रम की जांच कर रहे हैं और निर्दोषों की क्षति पर हमें खेद है। सेना नागरिकों की सुरक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करती है।”
3 हफ्तों में सहायता पाने की कोशिश में 397 मौतें
गाज़ा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, मई के अंत से अब तक 397 फिलिस्तीनी नागरिक सहायता केंद्रों की ओर जाते हुए मारे जा चुके हैं और 3000 से अधिक घायल हुए हैं।
मंगलवार का हमला उस समय हुआ जब राहत वितरण फिर से शुरू होने के बाद का सबसे खतरनाक दिन साबित हुआ। भीड़ को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए लोगों ने निजी गाड़ियां, रिक्शा और गधे-गाड़ियां तक इस्तेमाल कीं।
संयुक्त राष्ट्र की तीखी प्रतिक्रिया
इस हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र ने एक बार फिर गाज़ा में सहायता वितरण के लिए GHF (Gaza Humanitarian Foundation) प्रणाली को “अपर्याप्त और पक्षपाती” करार दिया है। हालांकि इज़रायल और अमेरिका समर्थित यह एजेंसी दावा करती है कि उसने अब तक 30 लाख से अधिक भोजन पैकेट शांतिपूर्वक वितरित किए हैं।
GHF ने कहा कि यह हमला उसके किसी वितरण केंद्र पर नहीं बल्कि संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के पास हुआ था।
युद्ध की पृष्ठभूमि
गाज़ा में यह संकट अक्टूबर 2023 में शुरू हुआ था, जब हामास ने इज़रायल पर हमला कर 1,200 लोगों को मारा और 251 को बंधक बना लिया। जवाब में इज़रायल ने गाज़ा पर भीषण सैन्य कार्रवाई की, जिसमें अब तक 55,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं (गाज़ा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार) और करीब 2.3 मिलियन की आबादी विस्थापित हो चुकी है।
ईरान-इज़रायल युद्ध का असर
गाज़ा के लोगों ने हाल ही में ईरान द्वारा इज़रायल पर दागी गई मिसाइलों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की हैं। कई लोगों ने कहा कि उन्हें पहली बार लगा कि अब इज़रायल को भी वैसा डर महसूस हो रहा है जैसा गाज़ा ने 20 महीनों से झेला है।
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