दीर अल-बलाह (गाजा) – गाजा पट्टी में इज़रायली सेना द्वारा रविवार को किए गए भीषण हवाई हमले में कम से कम 14 फिलिस्तीनी नागरिकों की जान चली गई। मृतकों में दो मासूम बच्चे और उनकी मां भी शामिल हैं, जो विस्थापित लोगों के लिए बनाए गए एक तंबू में रह रहे थे।
स्थानीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, ये हमले रात भर जारी रहे और सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में से एक था दीर अल-बलाह, जहां एक ही परिवार के कई सदस्य मारे गए। हमले की तीव्रता इतनी थी कि आसपास के इलाकों में भी दहशत का माहौल फैल गया।
युद्धविराम का अंत और बढ़ते हमले
इज़रायली सरकार का कहना है कि यह कार्रवाई हमास द्वारा युद्धविराम के कथित उल्लंघन के जवाब में की गई है। 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमले के बाद से अब तक इज़रायल के 58 नागरिक हमास के कब्जे में बताए जा रहे हैं, जिन्हें छुड़ाने के लिए इज़रायल हरसंभव प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में हाल ही में गाजा में मानवीय सहायता की आपूर्ति को भी रोक दिया गया था।
नागरिक इलाकों में निशाना, अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया की संभावना
गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी कि उत्तरी गाजा के जबालिया कैंप में हुए एक अन्य हमले में दो महिलाओं और एक बच्चे सहित पांच लोगों की मौत हो गई। इसके अतिरिक्त विभिन्न इलाकों में हुए हवाई हमलों में पांच और नागरिकों की जान चली गई।
इज़रायली सेना का कहना है कि वह नागरिकों को नुकसान से बचाने की हर संभव कोशिश कर रही है, और इसके लिए हमास को ज़िम्मेदार ठहराती है जो कि घनी आबादी वाले इलाकों से अपनी गतिविधियाँ संचालित करता है।
गाजा पर नियंत्रण और विवादित योजना
इज़रायल सरकार द्वारा गाजा पट्टी पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करने और स्थानीय आबादी के “स्वैच्छिक विस्थापन” को बढ़ावा देने की बात कही गई है। हालांकि, फिलिस्तीनी समुदाय और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन इस योजना का विरोध कर रहे हैं, इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताते हुए खारिज कर चुके हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो यह मानवीय संकट और भी गहरा हो सकता है, और यह मुद्दा वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक तनाव का कारण बन सकता है।
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