काहिरा / लंदन:
इसराइल के लगातार सैन्य हमलों, सुरंग नेटवर्क के नष्ट होने और शीर्ष कमांडरों की कमी के बीच, गाजा में हमास अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि अब उसे अपने पारंपरिक सहयोगी ईरान के समर्थन को लेकर भी आशंका है।
सूत्रों के मुताबिक, हमास के लड़ाके स्वतंत्र रूप से छोटे-छोटे अभियानों में जुटे हैं, जिन्हें निर्देश दिया गया है कि जब तक संभव हो, डटे रहें। लेकिन इज़राइली समर्थन प्राप्त स्थानीय कबीले अब हमास को अंदर से चुनौती दे रहे हैं, जिससे हालात और बिगड़ते जा रहे हैं।
स्थानीय विद्रोह और आंतरिक टूटन
गाजा में बिगड़ते मानवीय संकट के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संघर्षविराम की मांग तेज हो गई है। एक हमास से जुड़े सूत्र ने बताया कि संघर्षविराम मिलने की स्थिति में, हमास स्थानीय विद्रोही समूहों और लूटपाट में लिप्त कबीलों को कुचलने की कोशिश करेगा।
इनमें से एक अहम चुनौती यासिर अबू शबाब नामक एक कबायली नेता हैं, जो इसराइली सेना के कब्जे वाले रफाह क्षेत्र में खुलेआम घूम रहे हैं। हमास ने उन्हें “मृत या जीवित” पकड़ने के लिए अपने शीर्ष लड़ाके भेजे हैं, लेकिन अब तक वे असफल रहे हैं।
हमें उम्मीद है, पर हालात अच्छे नहीं दिखते: हमास स्रोत
रॉयटर्स से बातचीत में 16 अलग-अलग स्रोतों — जिनमें हमास से जुड़े लोग, इसराइली अधिकारी और मध्य पूर्व के राजनयिक शामिल थे — ने बताया कि हमास की केंद्रीय कमांड संरचना लगभग ध्वस्त हो चुकी है। संगठन अब आकस्मिक हमलों तक सीमित है।
हालांकि हमास अभी भी हमले कर पा रहा है — जैसे कि हाल ही में सात इसराइली सैनिकों की मौत — लेकिन यह अब वह ताकतवर समूह नहीं रहा जो 2023 में 1,200 लोगों की हत्या कर 253 को बंधक बना सका था।
इसराइल के मुताबिक अब तक 20,000 से ज्यादा हमास लड़ाके मारे जा चुके हैं और सैकड़ों मील लंबा सुरंग नेटवर्क नष्ट कर दिया गया है।
कबीलों की भूमिका और इसराइल की रणनीति
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने खुलेआम कहा है कि हमास विरोधी कबीलाई गुटों को इसराइल हथियार दे रहा है। इनमें सबसे चर्चित नाम अबू शबाब का है, जिनके समर्थक रफाह क्षेत्र में मानवीय सहायता के ट्रकों को सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं।
अबू शबाब ने किसी भी इसराइली संपर्क से इनकार किया है, लेकिन हमास उन्हें “गद्दार और अराजकता फैलाने वाला” बता रहा है। हमास का कहना है कि वह उन्हें “लोहे की मुट्ठी” से कुचलेगा।
हालांकि सभी कबीले हमास के विरोध में नहीं हैं। उत्तरी गाजा में कुछ कबीलों ने लुटेरों से बचाने के लिए सहायता ट्रकों को सुरक्षा दी है, जिसे हमास ने स्वीकृति दी।
ईरान की भूमिका पर अनिश्चितता
गाजा में हमास की सैन्य क्षमताओं को ईरान के वर्षों से मिले समर्थन से बल मिला था। लेकिन हालिया इसराइली हवाई हमलों में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के अधिकारी सईद इजादी की मौत ने इस सहयोग पर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया है।
इजादी को हमास की सैन्य योजनाओं — मिसाइल, ड्रोन और घुसपैठ अभियानों — को विकसित करने का श्रेय दिया जाता है। अब जबकि ईरान और इसराइल के बीच अस्थायी युद्धविराम कायम है, हमास आशंका जता रहा है कि तेहरान का सहयोग घट सकता है।
हमास प्रवक्ता अबू जुहरी ने हालांकि भरोसा जताया कि “ईरान एक शक्तिशाली देश है, उसे हराना इतना आसान नहीं।”
राजनीतिक संकट बनती जा रही है यह लड़ाई
कार्नेगी मिडिल ईस्ट सेंटर के वरिष्ठ विश्लेषक यज़ीद सैयद का मानना है कि हमास केवल शारीरिक नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी अस्तित्व बचाने की लड़ाई लड़ रहा है। यदि युद्ध नहीं रुका, तो हमास न केवल ज़मीन पर बल्कि भविष्य के शासन ढांचे से भी खत्म हो सकता है।
एक हमास से जुड़े सूत्र ने कहा, “हम आशा नहीं छोड़ते, लेकिन हकीकत बहुत खराब है।”
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