वाशिंगटन: गाजा में हालिया संघर्ष के दौरान इजरायली सेना द्वारा तकनीकी संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर टेक दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। कंपनी के अनुसार, उसने इजरायल को क्लाउड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सेवाएं उपलब्ध कराईं, जिनका इस्तेमाल मुख्यतः बंधकों की तलाश और रेस्क्यू मिशनों में किया गया।
माइक्रोसॉफ्ट ने दी पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया
यह बयान माइक्रोसॉफ्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित एक ब्लॉग पोस्ट के जरिए सामने आया, जो कंपनी की इस विषय में पहली सार्वजनिक स्वीकारोक्ति मानी जा रही है। ब्लॉग के मुताबिक, माइक्रोसॉफ्ट की सेवाओं का सीधा इस्तेमाल गाजा में लक्षित हमलों या नागरिकों को नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं किया गया।
AI का उपयोग खुफिया विश्लेषण में
एक रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली सेना ने माइक्रोसॉफ्ट की एज्योर क्लाउड सेवाएं और AI तकनीकें उपयोग कीं, खासकर खुफिया आंकड़ों की अनुवाद और विश्लेषण प्रक्रिया के लिए। माइक्रोसॉफ्ट का कहना है कि इस तकनीक के जरिए बंधकों को खोजने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिशें की गईं।
कर्मचारी चिंताओं के बाद जांच शुरू
ब्लॉग में बताया गया कि कर्मचारियों और मीडिया द्वारा उठाए गए सवालों के बाद माइक्रोसॉफ्ट ने इस पूरे मामले की आंतरिक समीक्षा शुरू की है। साथ ही, तथ्यों की निष्पक्ष जांच के लिए एक बाहरी स्वतंत्र संस्था को भी नियुक्त किया गया है, हालांकि उसका नाम सार्वजनिक नहीं किया गया।
कंपनी ने दी सेवाओं की जानकारी
माइक्रोसॉफ्ट ने स्पष्ट किया कि उसने इजरायली सेना को निम्नलिखित सेवाएं प्रदान कीं:
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एज्योर क्लाउड स्टोरेज
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प्रोफेशनल टेक्निकल सर्विसेस
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भाषा अनुवाद टूल्स
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साइबर सुरक्षा समाधान
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रेस्क्यू मिशनों में विशेष तकनीकी सहायता
कंपनी की आचार संहिता का पालन
माइक्रोसॉफ्ट ने कहा कि सभी सेवाएं उसकी AI नीतियों और आचार संहिता के दायरे में दी गई थीं, जो ऐसे किसी भी उपयोग को रोकती हैं जिससे जान-माल की हानि हो सकती है। साथ ही, कंपनी ने यह भी दावा किया कि उसने गाजा के आम नागरिकों की निजता और अधिकारों का सम्मान किया।
बड़ी टेक कंपनियों की भूमिका
रिपोर्ट्स के अनुसार, केवल माइक्रोसॉफ्ट ही नहीं, बल्कि गूगल, अमेज़न, पैलंटिर जैसी अन्य अमेरिकी टेक कंपनियों की भी इजरायली रक्षा संस्थानों के साथ साझेदारी रही है, जिससे युद्धकाल में इन तकनीकों की भूमिका पर वैश्विक स्तर पर बहस शुरू हो गई है।
निष्कर्ष: माइक्रोसॉफ्ट द्वारा गाजा संघर्ष में अपनी तकनीकों के इस्तेमाल को लेकर की गई स्वीकारोक्ति, तकनीक और युद्ध के बढ़ते संबंधों की ओर संकेत करती है। यह मामला AI के इस्तेमाल को लेकर वैश्विक स्तर पर नैतिकता और जवाबदेही की नई बहस को जन्म दे सकता है।
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