भारतीय क्रिकेट टीम के मौजूदा हेड कोच गौतम गंभीर अपने बेबाक स्वभाव और बड़े मौकों पर दमदार प्रदर्शन के लिए जाने जाते हैं। बतौर खिलाड़ी उन्होंने कई बार टीम इंडिया को मुश्किल हालात से जीत की ओर खींचा। क्रिकेट फैन्स को आज भी 2007 टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में उनके 75 रन और 2011 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में खेले गए 97 रनों की पारी याद है। इन दोनों मैचों में उनकी पारियों ने भारत को वर्ल्ड चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।
लेकिन अब एक ऐसा आंकड़ा सामने आया है, जिसे जानकर क्रिकेट प्रेमी हैरान हैं। यह आंकड़ा है गंभीर के इंटरनेशनल करियर में लगाए गए छक्कों की संख्या।
गंभीर ने लगभग 13 साल के इंटरनेशनल करियर में भारत के लिए 242 मैच खेले। इनमें उन्होंने कुल सिर्फ 37 छक्के लगाए।
- टेस्ट क्रिकेट – 10 छक्के
- वनडे क्रिकेट – 17 छक्के
- टी20 क्रिकेट – 10 छक्के
यह देखकर हैरानी होती है कि आक्रामक बल्लेबाजी के लिए मशहूर होने के बावजूद गंभीर ने करियर में छक्के कम लगाए। दरअसल, उनकी बल्लेबाजी का स्टाइल पावर हिटिंग के बजाय गैप में चौके लगाने और स्ट्राइक रोटेट करने पर ज्यादा केंद्रित था। यही वजह है कि उनके चौकों की संख्या छक्कों से कई गुना ज्यादा है – उन्होंने अपने करियर में 1,188 चौके लगाए।
गंभीर का यह रिकॉर्ड और भी चौंकाने वाला तब हो जाता है जब उनकी तुलना श्रीलंका के महान स्पिन गेंदबाज मुथैया मुरलीधरन से की जाती है। मुरलीधरन, जो पूरे करियर में ज्यादातर 9वें, 10वें या 11वें नंबर पर बल्लेबाजी करते थे, उन्होंने भी इंटरनेशनल क्रिकेट में 41 छक्के जड़े। यह आंकड़ा दिखाता है कि गंभीर छक्कों के मामले में एक गेंदबाज से भी पीछे रहे।
फिलहाल गौतम गंभीर भारत की व्हाइट-बॉल टीम (वनडे और टी20) के हेड कोच हैं। उनकी कोचिंग में सीमित ओवरों के क्रिकेट में टीम इंडिया ने अच्छा प्रदर्शन किया है। हालांकि, टेस्ट क्रिकेट में उनका प्रभाव उतना मजबूत नहीं रहा है। राहुल द्रविड़ के दौर में भारत लंबे समय तक दुनिया की नंबर-1 टेस्ट टीम रही, लेकिन गंभीर के कार्यकाल में टेस्ट में जीतना ज्यादा कठिन साबित हो रहा है।
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