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ग्वालियर में 250 फीट तक अवैध खनन, कृषि जमीन से निकाला गया करोड़ों का पत्थर
channel_009 | क्राइम/माइनिंग डेस्क
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में अवैध खनन का बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि कृषि जमीन पर करीब 250 फीट तक गहरा उत्खनन कर करोड़ों रुपए का पत्थर निकाल लिया गया। हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी खुदाई के बावजूद खनिज विभाग लंबे समय तक बेखबर रहा।
मामले में सवाल इसलिए भी गंभीर हैं क्योंकि जिस जमीन पर खेती होनी चाहिए थी, वहां बड़े पैमाने पर पत्थर निकालने का काम चलता रहा। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा तेज है कि खनन माफिया ने पहले बिना अनुमति उत्खनन किया और अब उसी जमीन पर माइनिंग परमिशन लेने का खेल शुरू कर दिया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, अवैध उत्खनन के दौरान भारी मशीनों का इस्तेमाल किया गया। जमीन को गहराई तक खोदकर पत्थर निकाले गए और उन्हें बाजार में बेच दिया गया। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान हुआ, वहीं पर्यावरण और आसपास की जमीनों को भी खतरा पैदा हो गया है।
सबसे बड़ा सवाल खनिज विभाग की भूमिका पर उठ रहा है। अगर 250 फीट तक खुदाई हुई, तो विभाग को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली? क्या निगरानी व्यवस्था कमजोर थी या फिर किसी स्तर पर मिलीभगत के कारण कार्रवाई नहीं हुई? अब प्रशासन से इस पूरे मामले की जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग उठ रही है।
परमिशन के खेल पर सवाल
आरोप यह भी है कि पहले अवैध खनन कर लिया गया और अब बाद में कागजी प्रक्रिया के जरिए उसे वैध दिखाने की कोशिश हो सकती है। अगर ऐसा है, तो यह सिर्फ अवैध खनन नहीं, बल्कि सिस्टम की निगरानी और जवाबदेही पर भी बड़ा सवाल है।
प्रशासन के सामने चुनौती
ग्वालियर में सामने आया यह मामला बताता है कि अवैध खनन सिर्फ प्राकृतिक संसाधनों की लूट नहीं है, बल्कि इससे सरकारी राजस्व, खेती की जमीन, पर्यावरण और स्थानीय लोगों की सुरक्षा पर भी असर पड़ता है। अब देखना होगा कि प्रशासन जांच के बाद खनन माफिया और लापरवाह अधिकारियों पर क्या कार्रवाई करता है।
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