राजस्थान में भीषण गर्मी से बचाव के लिए सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर छाया और पानी की व्यवस्था करने के आदेश दिए हैं। इसके लिए स्थानीय निकायों और भामाशाहों की मदद ली जाएगी। बस स्टैंड, मुख्य ट्रैफिक सिग्नल, पर्यटन स्थल और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर इस व्यवस्था को प्राथमिकता से करने के लिए कहा गया है।
आपदा राहत प्रबंधन की गाइडलाइन में मेडिकल डिपार्टमेंट और नगरीय निकायों को अलर्ट जारी किया जाएगा। सभी अस्पतालों में हीट स्ट्रोक की दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही सभी सीएचसी, जिला, उप जिला, और सैटेलाइट हॉस्पिटलों में कूलर, पंखे और पर्याप्त संसाधन रखने के निर्देश दिए गए हैं। नर्सिंग, मेडिकल और पैरा मेडिकल स्टाफ को हर समय अलर्ट मोड पर रहने के लिए कहा गया है।
विभाग ने हेल्थ डिपार्टमेंट को हीटवेव से होने वाली मौतों की जल्द रिपोर्ट बनाकर सरकार को भेजने और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। पंचायती राज विभाग को नरेगा मजदूरों के वर्किंग टाइमिंग को गर्मी के पीक समय में बदलने के लिए कहा गया है।
औद्योगिक एरिया में भी छाया और पानी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि मजदूरों को लंच या चाय के समय धूप में न खड़ा रहना पड़े। पशुओं के लिए चारा, पानी और दवाइयों की व्यवस्था करने के लिए भी कहा गया है। बिजली कंपनियों को हॉस्पिटल और क्रिटिकल फैसिलिटी एरिया में बिजली सप्लाई को प्राथमिकता के साथ सुचारू रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर आने वाले लोगों के लिए ठंडा पानी और छाया की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं। नगरीय निकायों, यूआईटी और विकास प्राधिकरण को शहरों के प्रमुख चौराहों, बस स्टैंड और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर छाया और पानी की व्यवस्था भामाशाहों की मदद से करवाने के लिए कहा गया है।
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