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तरौद (छत्तीसगढ़)।
ग्राम तरौद में गंदा पानी पीने से 18 लोग बीमार हो गए और एक 40 वर्षीय युवक मोहित निषाद की मौत हो गई। मौत की वजह डायरिया बताई जा रही है, हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने इसकी अभी पुष्टि नहीं की है।
बीमारी के लक्षण और इलाज
शुक्रवार को गांव में अचानक लोगों को पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायतें आने लगीं। बीमारों में से चार लोगों को हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, बाकी का इलाज गांव के उपस्वास्थ्य केंद्र में किया जा रहा है।
दूषित पानी बना बीमारी की वजह
गांव के सरपंच धर्मेंद्र कुमार रामटेके ने बताया कि गांव में बोरवेल से पानी सप्लाई किया जा रहा है, लेकिन कई जगहों पर पाइपलाइन फूटी हुई है। इसी से गंदा पानी नलों के जरिए घरों में पहुंचा और पीने से लोग बीमार हो गए। इस बारे में जल विभाग (PHE) और स्वास्थ्य विभाग को सूचना दे दी गई है। खराब पाइपलाइन को जल्द ही ठीक किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग की सावधानी
स्वास्थ्य विभाग ने गांव में स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया है और लोगों को पानी उबालकर पीने की सलाह दी है। अगर किसी को कोई तकलीफ हो तो तुरंत जांच कराने को कहा गया है।
डॉक्टर का बयान
बीएमओ डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि जिस इलाके से पानी की पाइपलाइन गुजरती है, वह नाली के पास है। इससे उसमें गंदा पानी मिल गया होगा। पीने से बीमारी फैल सकती है। हालांकि, जिस युवक की मौत हुई है, वह डायरिया से हुई या नहीं, यह जांच रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा। पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
यह मामला साफ तौर पर गांव में गंदे पानी की सप्लाई और स्वास्थ्य सुरक्षा की अनदेखी को दिखाता है, जिस पर जल्द कार्रवाई की ज़रूरत है।
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