Related Articles
छत्तीसगढ़ में अब बिजली की नई दरें तय की जा सकेंगी, क्योंकि राज्य विद्युत नियामक आयोग के दो नए सदस्यों की नियुक्ति कर दी गई है। अब तक सदस्यों के पद खाली होने की वजह से इस साल बिजली दरों का निर्धारण नहीं हो पाया था, जबकि सरकारी बिजली कंपनियों ने समय पर अपने प्रस्ताव आयोग को भेज दिए थे।
किसे मिली जिम्मेदारी?
छत्तीसगढ़ शासन के ऊर्जा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार:
-
विवेक गनोदवाले, महाराष्ट्र मंडल के आजीवन सभासद
-
अजय कुमार सिंह, छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी के मुख्य अभियंता
को आयोग का सदस्य नियुक्त किया गया है।
दोनों सदस्य नियुक्ति की तारीख से 5 साल या 65 साल की उम्र तक (जो पहले हो) इस पद पर बने रहेंगे।
क्यों रुका था बिजली दरों का निर्धारण?
नियम के अनुसार, बिजली टैरिफ की सुनवाई के लिए आयोग में अध्यक्ष के साथ कम से कम एक सदस्य का होना जरूरी होता है। लेकिन दोनों सदस्य पद लंबे समय से खाली थे, इसलिए कोई फैसला नहीं लिया जा सका।
-
प्रमोद गुप्ता का कार्यकाल जुलाई 2021 में समाप्त हुआ था
-
विनोद देशमुख का कार्यकाल सितंबर 2023 में खत्म हुआ था
क्या होगा आगे?
अब आयोग में सदस्य पूरे होने के बाद, बिजली दरों को लेकर प्रस्तावों पर सुनवाई की प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी। महाराष्ट्र मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले, सचिव चेतन दंडवते और अन्य पदाधिकारियों ने विवेक गनोदवाले को उनकी नई जिम्मेदारी पर शुभकामनाएं दी हैं।
CHANNEL009 Connects India
