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शहर में पानी की भारी किल्लत
शहर में भीषण गर्मी के बीच पानी की समस्या बढ़ गई है। हर दिन करीब 5.50 करोड़ लीटर पानी का उत्पादन हो रहा है, जिसमें 4.40 करोड़ लीटर नर्मदा लाइन से, 1.20 करोड़ लीटर सुक्ता स्रोत से और निगम के 285 नलकूपों से पानी मिल रहा है।
फिर भी शहर की प्यास नहीं बुझ रही, जबकि सरकारी मानकों के अनुसार हर दिन 3.90 करोड़ लीटर पानी ही पर्याप्त है। इसके बावजूद 1.60 करोड़ लीटर पानी का हिसाब नहीं मिल रहा।
13 दिनों में 17.60 करोड़ लीटर पानी की कमी
नर्मदा पाइपलाइन बार-बार फूटने के कारण पिछले 13 दिनों में चार दिन तक पानी की सप्लाई पूरी तरह बाधित रही, जिससे करीब 17.60 करोड़ लीटर पानी का वितरण नहीं हो सका। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
महिलाओं ने किया हाईवे जाम, SDM से हुई नोकझोंक
रविवार सुबह वार्ड नंबर 4 और 9 में पानी नहीं पहुंचा तो नाराज महिलाओं ने इंदिरा चौक और माता चौक पर बर्तन लेकर चक्का जाम कर दिया। इस दौरान महिलाओं और अधिकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई।
इंदिरा चौक पर महिलाओं ने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया और कहा कि टैंकर का पानी गंदा और बदबूदार है, पीने लायक नहीं। SDM बजरंग बहादुर सिंह ने प्रदर्शनकारियों को एफआईआर की धमकी दी, जिस पर महिलाओं ने जवाब दिया कि “पानी मांगना कोई अपराध नहीं है।”
पानी की सप्लाई शुरू होने पर शांत हुआ मामला
विवाद बढ़ता देख प्रशासन ने तुरंत पांच टैंकर पानी भिजवाए और दोपहर तक सप्लाई शुरू कर दी। नगर निगम उपायुक्त एसआर सिटोले ने बताया कि सुक्ता और नर्मदा पाइपलाइन की मरम्मत का काम भी शुरू कर दिया गया है।
माता चौक पर भी महिलाओं ने प्रदर्शन
यहां भी महिलाएं मानव श्रृंखला बनाकर बर्तन लेकर सड़क पर उतर आईं। उन्होंने आरोप लगाया कि टैंकर का पानी उन्हें नहीं दिया जा रहा है। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने तुरंत टैंकर भेजकर सप्लाई चालू कराई।
निष्कर्ष:
शहर में पानी की भारी कमी से लोग परेशान हैं। महिलाओं का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। प्रशासन को तुरंत आपातकालीन व्यवस्था करनी पड़ी, लेकिन यह स्पष्ट है कि पानी की समस्या को लेकर स्थायी समाधान की ज़रूरत है।
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