तोक्यो: जापान सरकार ने एक साहसिक और चौंकाने वाला निर्णय लेते हुए घोषणा की है कि वह फुकुशिमा परमाणु संयंत्र के पास से प्राप्त हल्की रेडियोधर्मी मिट्टी का उपयोग सार्वजनिक स्थानों पर करने जा रही है। इस पहल का उद्देश्य लोगों में विश्वास बहाल करना और यह संदेश देना है कि नियंत्रित मात्रा में यह मिट्टी सुरक्षित है।
कहां किया जाएगा इसका इस्तेमाल?
सरकारी योजना के अनुसार, यह मिट्टी प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा के तोक्यो स्थित कार्यालय परिसर में मौजूद फूलों की क्यारियों में उपयोग की जाएगी। यह कदम जनता को यह दर्शाने के लिए उठाया गया है कि वैज्ञानिक मानकों के अनुसार तैयार की गई यह मिट्टी अब हानिकारक नहीं रही।
क्या है इस फैसले के पीछे की पृष्ठभूमि?
2011 में आई भयानक सुनामी और परमाणु दुर्घटना के बाद, फुकुशिमा क्षेत्र से बड़ी मात्रा में मिट्टी को हटाकर अंतरिम भंडारण में रखा गया था। अब वर्षों के उपचार और परीक्षण के बाद अधिकारियों का दावा है कि इस मिट्टी का कुछ हिस्सा पुनः उपयोग के लिए उपयुक्त है।
आधिकारिक समर्थन और दिशा-निर्देश
जापान का पर्यावरण मंत्रालय मार्च में जारी किए गए दिशा-निर्देशों के तहत इस पुनः उपयोग की योजना बना रहा है। इस पहल को अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) का समर्थन भी प्राप्त है। सरकार का कहना है कि यह प्रयोग यदि सफल रहता है, तो आने वाले समय में अन्य सरकारी परिसरों और सार्वजनिक परियोजनाओं में भी इस मिट्टी का उपयोग किया जाएगा।
फुकुशिमा आपदा की एक झलक
साल 2011 में भूकंप और सुनामी के बाद फुकुशिमा दाइची परमाणु संयंत्र से भारी मात्रा में रेडियोधर्मी तत्व लीक हुए थे, जिससे आसपास के क्षेत्र में पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संकट पैदा हो गया था। इस हादसे के बाद जापान ने विकिरण प्रबंधन और पर्यावरण पुनर्वास के क्षेत्र में व्यापक प्रयास किए।
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