सुवासा। राजस्थान पत्रिका के अमृतं जलम् अभियान के तहत बुधवार को चितावा, रंगपुरिया और नयागांव के बीच स्थित डेढ़ सौ साल पुरानी बावड़ी में श्रमदान किया गया। इस अभियान में तीन दर्जन से ज्यादा स्काउट, ग्रामीण, शिक्षक और युवा शामिल हुए।
सभी ने दो घंटे तक मेहनत कर बावड़ी की सफाई की। कोई झाड़ू लगा रहा था तो कोई तगारी में कचरा भरकर बाहर निकाल रहा था। बावड़ी के अंदर और सीढ़ियों पर जमी गंदगी को हटाया गया। कचरे से भरी तगारियों को एक-दूसरे को पास करते हुए बाहर निकाला गया, जिससे देखते ही देखते बावड़ी की सीढ़ियां चमकने लगीं।
कुछ लोग पानी में उतरकर भी सफाई करने लगे। पानी को पूरी तरह साफ करने के लिए युवाओं ने कपड़े की जालियां डालकर गंदगी निकाली। श्रमदान देखकर राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के अध्यापक भी मदद के लिए आ पहुंचे।
इस अवसर पर चितावा माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य हुसैन मोहम्मद खान, मिडिल स्कूल रंगपुरिया नयागांव के प्रधानाध्यापक रोहितास मीणा, शारीरिक शिक्षक राम लक्ष्मण मीणा, रघुवीर मीणा, अध्यापक धीरज कुमार और स्काउट्स मनोज मीणा, ललित मीणा, आर्यन मीणा, नवनीत, कपिल, धनराज, सुमन, आत्माराम, हरिओम, विजेंद्र, महावीर, ओमप्रकाश, राधेश्याम नागर सहित कई लोग मौजूद रहे।
जल संरक्षण की शपथ
प्रधानाचार्य हुसैन मोहम्मद ने ग्रामीणों को जल संरक्षण का महत्व समझाया और सभी को प्राचीन बावड़ियों की रक्षा करने की शपथ दिलाई।
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