वाशिंगटन डीसी: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में ही राष्ट्रपति को प्राप्त आपातकालीन शक्तियों का इतना व्यापक इस्तेमाल किया, जैसा इससे पहले शायद ही किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने किया हो। आम तौर पर इन शक्तियों का इस्तेमाल केवल युद्ध या गंभीर राष्ट्रीय संकट के दौरान होता है, लेकिन ट्रंप ने इन्हें नीतिगत फैसलों और घरेलू एजेंडे को लागू करने के लिए एक रणनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल किया।
आपात शक्तियों का इतना व्यापक प्रयोग क्यों?
ट्रंप का तर्क है कि उनका उद्देश्य अमेरिका को आर्थिक और रणनीतिक खतरों से बचाना है। उन्होंने आयात शुल्क बढ़ाने, मैक्सिको सीमा पर सैनिक तैनाती, और पर्यावरणीय नियमों को शिथिल करने जैसे कई निर्णयों के लिए ऐसी कानूनी शक्तियों का सहारा लिया जो आम तौर पर केवल राष्ट्रीय आपातकाल या विदेशी खतरे की स्थिति में प्रयोग होती हैं।
एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने अपने 150 कार्यकारी आदेशों में से 30 बार विभिन्न आपातकालीन कानूनों का संदर्भ लिया — जो उनके पूर्ववर्ती राष्ट्रपतियों की तुलना में काफी अधिक है।
क्या ट्रंप ने राष्ट्रपति पद की परिभाषा बदल दी?
ट्रंप के कार्यकाल में राष्ट्रपति की भूमिका केवल प्रतिक्रिया देने वाले नेतृत्व तक सीमित नहीं रही, बल्कि वह एक नीतिगत आक्रामक बनकर उभरे। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप ने कांग्रेस की शक्ति को कमज़ोर करते हुए राष्ट्रपति कार्यालय को केंद्रीकृत निर्णय लेने का माध्यम बना दिया।
कानूनी विशेषज्ञ इल्या सोमिन का कहना है कि ट्रंप का आपात शक्तियों का उपयोग “अभूतपूर्व स्तर” पर पहुंच गया। सोमिन का आरोप है कि यह शक्ति का ऐसा केंद्रीकरण है जो अमेरिकी लोकतंत्र की बुनियाद को प्रभावित कर सकता है।
कौन हैं इल्या सोमिन और उन्होंने क्या कदम उठाया?
इल्या सोमिन अमेरिका के जाने-माने संवैधानिक विद्वान हैं, जिन्होंने ट्रंप प्रशासन के खिलाफ एक मुकदमे में पांच व्यवसायों का प्रतिनिधित्व किया। इन कंपनियों ने आरोप लगाया कि ट्रंप द्वारा घोषित ‘लिबरेशन डे’ टैरिफ की वजह से उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ।
इस नीति के तहत ट्रंप ने 1977 के ‘International Emergency Economic Powers Act (IEEPA)’ का हवाला देते हुए व्यापारिक प्रतिबंध लगाए, जो सामान्यतः विदेशी खतरों के खिलाफ अमेरिका की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था की रक्षा के लिए प्रयुक्त होता है।
आगे क्या? क्या मिसाल बनेगा यह प्रयोग?
यह मामला अब सिर्फ ट्रंप की कार्यशैली तक सीमित नहीं रह गया है। सवाल यह है कि क्या भविष्य में भी अमेरिकी राष्ट्रपति ऐसी शक्तियों का इसी तरह राजनीतिक या आर्थिक उद्देश्यों के लिए प्रयोग कर पाएंगे?
विश्लेषकों के अनुसार, यदि इस पर कोई विधायी नियंत्रण नहीं लगाया गया, तो यह अमेरिकी शासन प्रणाली में कार्यपालिका की शक्ति का नया संतुलन स्थापित कर सकता है।
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