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ड्रीम11 और बीसीसीआई की जुदाई, अब टीम इंडिया नई जर्सी स्पॉन्सर की तलाश में

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने साफ कर दिया है कि अब ड्रीम11 भारतीय टीम की जर्सी पर नजर नहीं आएगा। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने बयान जारी करके बताया कि हाल ही में पारित हुए ऑनलाइन गेमिंग प्रमोशन और रेगुलेशन बिल 2025 के बाद यह डील आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। इसका मतलब है कि अब भारतीय टीम को एक नया जर्सी स्पॉन्सर तलाशना होगा।

अगर एशिया कप 2025 शुरू होने से पहले बोर्ड को नया स्पॉन्सर नहीं मिला, तो टीम इंडिया बिना किसी जर्सी स्पॉन्सर के मैदान पर उतरेगी। यह स्थिति काफी समय बाद देखने को मिलेगी।

कौन-कौन सी बड़ी कंपनियां बन सकती हैं जर्सी स्पॉन्सर?

1. टाटा ग्रुप

टाटा ग्रुप का भारतीय खेलों से पुराना और गहरा नाता है। IPL और WPL का वह टाइटल स्पॉन्सर है। इसके अलावा टाटा मुंबई मैराथन, टाटा ओपन टेनिस टूर्नामेंट और फुटबॉल अकादमी में भी सक्रिय है। इसलिए अगर वह भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी पर जगह बनाए तो यह कोई चौंकाने वाली बात नहीं होगी।

2. अडानी ग्रुप

अडानी ग्रुप पहले से महिला क्रिकेट (गुजरात जायंट्स – WPL) और विदेशी लीग (गल्फ जायंट्स – ILT20) में जुड़ा हुआ है। हालांकि पुरुष क्रिकेट में अभी तक उसका उतना बड़ा दबदबा नहीं है। यह ड्रीम11 के हटने के बाद उसके लिए बड़ा मौका हो सकता है।

3. रिलायंस/जियो (मुकेश अंबानी)

रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले से मुंबई इंडियंस जैसी IPL टीम की मालिक है। इसके अलावा स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग में भी उनकी गहरी पकड़ है। अगर रिलायंस भारतीय टीम की जर्सी पर दिखाई देती है, तो उसका खेल जगत में वर्चस्व और मजबूत हो जाएगा।

4. महिंद्रा एंड महिंद्रा

महिंद्रा ग्रुप और आनंद महिंद्रा अक्सर खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते रहते हैं। महिंद्रा कई टूर्नामेंट्स का को-पावर्ड स्पॉन्सर भी रह चुका है। ऐसे में जर्सी स्पॉन्सर बनने से उनका ब्रांड सीधे मेनस्ट्रीम क्रिकेट से जुड़ जाएगा।

5. टोयोटा

टोयोटा पहले से क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड को स्पॉन्सर कर चुका है। ओलंपिक, फीफा क्लब वर्ल्ड कप और रग्बी टीमों से भी इसका जुड़ाव रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक टोयोटा इस रेस में सबसे आगे मानी जा रही है।

6. अन्य दावेदार

JSW, पेप्सी और फिनटेक कंपनियां जैसे Zerodha, Angel One और Groww भी इस रेस में कूद सकती हैं।

2023 में ड्रीम11 ने बीसीसीआई के साथ 358 करोड़ रुपये की डील की थी। इसमें घरेलू मैच के लिए लगभग 3 करोड़ और विदेशी मैच के लिए 1 करोड़ रुपये दिए जाते थे। अब जब नई डील होगी तो यह रकम और भी बड़ी हो सकती है, क्योंकि भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी पर नाम लिखाना किसी भी कंपनी के लिए प्रेस्टिज और मार्केटिंग दोनों का सबसे बड़ा जरिया है।

ड्रीम11 के हटने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी पर कौन सी कंपनी का नाम नजर आएगा, यह देखना रोमांचक होगा। टाटा, रिलायंस, अडानी, महिंद्रा या फिर कोई विदेशी ब्रांड – सबके बीच जबरदस्त होड़ होगी। लेकिन अगर एशिया कप से पहले डील नहीं होती है तो टीम इंडिया शायद लंबे समय बाद बिना किसी स्पॉन्सर के मैदान पर दिखेगी।

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