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पेतोंगटार्न शिनावात्रा

थाईलैंड की प्रधानमंत्री पेतोंगटार्न निलंबित: आगे क्या होगा?

बैंकॉक:
थाईलैंड की संवैधानिक अदालत ने मंगलवार को देश की प्रधानमंत्री पेतोंगटार्न शिनावात्रा को अस्थायी रूप से पद से निलंबित कर दिया है। यह फैसला उस याचिका की सुनवाई के दौरान लिया गया जिसमें 36 सांसदों ने उन पर संविधान के उल्लंघन और अनैतिक आचरण के आरोप लगाए थे।

🔄 अब सरकार कौन चलाएगा?

प्रधानमंत्री के निलंबन के बाद अब उपप्रधानमंत्री और परिवहन मंत्री सुरिया जुआंगरुंगरुआंगकिट कार्यवाहक प्रधानमंत्री का कार्यभार संभालेंगे।
70 वर्षीय सुरिया थाई राजनीति के अनुभवी चेहरे हैं और 1990 के दशक से कई सरकारों में मंत्री रह चुके हैं, जिनमें सत्तारूढ़ फ्यू थाई पार्टी की पूर्ववर्ती सरकारें भी शामिल हैं।


⚖️ अदालती प्रक्रिया में अब आगे क्या होगा?

अदालत ने पेतोंगटार्न को निर्देश दिया है कि वे 15 दिनों के भीतर आरोपों का जवाब दें। इसके बाद आगे की सुनवाई जारी रहेगी। तब तक उन्हें प्रधानमंत्री के रूप में सभी कर्तव्यों से अलग कर दिया गया है।


🎭 क्या वे अब भी कैबिनेट बैठकों में शामिल हो सकेंगी?

दिलचस्प रूप से, अदालत के फैसले से पहले ही मंगलवार को हुए कैबिनेट फेरबदल में पेतोंगटार्न को संस्कृति मंत्री नियुक्त किया गया।
वह 3 जुलाई को जब इस पद की शपथ लेंगी, तो एक मंत्री के रूप में कैबिनेट बैठकों में मौजूद रह सकेंगी — भले ही प्रधानमंत्री पद से निलंबित रहें।


🏛️ संसद में अब क्या होगा?

थाई संसद 3 जुलाई को दोबारा सत्र में लौटेगी।
पूर्व में सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा रही भुमजाईथाई पार्टी ने पहले धमकी दी थी कि वह पेतोंगटार्न और उनकी कैबिनेट के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगी। लेकिन अब जब प्रधानमंत्री निलंबित हैं, यह प्रस्ताव फ़िलहाल संभव नहीं है।

वैसे भी, इस तरह के प्रस्ताव को पारित कराने के लिए विपक्षी पीपुल्स पार्टी का समर्थन जरूरी होगा — जिसने अब तक अपना रुख साफ नहीं किया है।


🔍 क्या और जांचें भी जारी हैं?

हाँ, राष्ट्रीय भ्रष्टाचार निरोधक आयोग (NACC) भी पेतोंगटार्न के खिलाफ संवैधानिक आचार संहिता के उल्लंघन के आरोपों की जांच कर रहा है।
यह जांच भी उसी लीक हुई फोन कॉल पर आधारित है, जिसमें वे कंबोडिया के पूर्व प्रधानमंत्री हुन सेन से बात करती सुनी गई थीं।

यह जांच सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुँच सकती है, जहां पेतोंगटार्न पर राजनीतिक प्रतिबंध लगाए जाने की संभावना बन सकती है।


🚨 सड़कों पर उबाल: प्रदर्शन तेज हो सकते हैं

शनिवार को राजधानी बैंकॉक में हजारों लोगों ने सरकार विरोधी प्रदर्शन किया — जो फ्यू थाई पार्टी के सत्ता में आने के बाद सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन माना गया।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि पेतोंगटार्न इस्तीफा नहीं देतीं, तो विरोध और उग्र रूप ले सकता है।
दिलचस्प यह है कि इनमें कई वे नेता भी शामिल हैं जो कभी पेतोंगटार्न के पिता थाक्सिन शिनावात्रा और उनकी चाची यिंगलक की सरकारों को भी गिराने में शामिल रहे थे।


⚖️ क्या थाक्सिन शिनावात्रा भी दबाव में हैं?

थाईलैंड के पूर्व प्रधानमंत्री और पेतोंगटार्न के पिता थाक्सिन शिनावात्रा, जो अब भी एक प्रभावशाली लेकिन विवादास्पद नेता हैं, एक आपराधिक मुकदमे का सामना कर रहे हैं।

उन पर आरोप है कि उन्होंने 2015 में एक इंटरव्यू में राजशाही के खिलाफ टिप्पणी की थी — जो थाईलैंड के कड़े लेज़ मेजेस्टे कानून के तहत आता है। इस कानून में 15 साल तक की सज़ा हो सकती है।

सुप्रीम कोर्ट यह भी देख रहा है कि थाक्सिन जेल की बजाय अस्पताल में क्यों हैं, क्योंकि वे 2023 में स्व-निर्वासन खत्म कर लौटे थे।
अगर अदालत उनके खिलाफ फैसला देती है, तो उन्हें जेल भेजा जा सकता है।


🔚 राजनीतिक अस्थिरता बढ़ने की आशंका

थाईलैंड में राजनीतिक हालात एक बार फिर अस्थिरता की ओर बढ़ते दिख रहे हैं। पेतोंगटार्न का निलंबन, सार्वजनिक आक्रोश, गठबंधन में दरार और विपक्षी दबाव — सब मिलकर एक बार फिर सियासी भूचाल की आशंका जता रहे हैं।

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