दिल्ली-NCR में रहने के लिए कितनी सैलरी चाहिए? ज्यादातर लोगों के पास नहीं इतनी कमाई
channel_009 | Finance & Lifestyle Desk
दिल्ली-NCR में रहने का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है। किराया, स्कूल फीस, पेट्रोल-डीजल, बिजली-पानी, ग्रॉसरी और रोजमर्रा की जरूरतों ने आम आदमी का बजट बिगाड़ दिया है। सवाल अब यह है कि दिल्ली-NCR में आराम से रहने के लिए आखिर कितनी सैलरी चाहिए?
माना जाता है कि अगर कोई व्यक्ति अकेला रह रहा है, तो उसे दिल्ली-NCR में ठीक-ठाक जीवन जीने के लिए कम से कम 40 से 60 हजार रुपये महीना की जरूरत पड़ सकती है। इसमें किराया, खाना, ट्रांसपोर्ट, मोबाइल-इंटरनेट और थोड़ी-बहुत बचत शामिल है।
वहीं अगर कोई कपल दिल्ली-NCR में किराए के घर में रहता है, तो खर्च आसानी से 70 हजार से 1 लाख रुपये महीना तक पहुंच सकता है। अगर बच्चे भी हैं, तो स्कूल फीस, मेडिकल खर्च और अन्य जरूरतों के कारण यह बजट और बढ़ जाता है।
सबसे ज्यादा खर्च किराए पर होता है। दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद में अच्छे लोकेशन पर 1BHK या 2BHK फ्लैट का किराया तेजी से बढ़ा है। कई जगहों पर किराया ही सैलरी का बड़ा हिस्सा खा जाता है।
मिडिल क्लास परिवारों के लिए सबसे बड़ी चिंता यही है कि कमाई की रफ्तार उतनी नहीं बढ़ रही, जितनी तेजी से खर्च बढ़ रहे हैं। EMI, बच्चों की पढ़ाई, हेल्थ इंश्योरेंस, गाड़ी का खर्च और महीने के बिल मिलाकर बजट पर भारी दबाव डाल रहे हैं।
फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का कहना है कि दिल्ली-NCR जैसे शहरों में रहने वालों को अपनी कमाई का कम से कम 20% बचाने की कोशिश करनी चाहिए। लेकिन हकीकत यह है कि ज्यादातर लोग महीने के अंत तक बचत तो दूर, खर्च संभालने में ही परेशान हो जाते हैं।
फिलहाल दिल्ली-NCR में रहने की लागत ने यह साफ कर दिया है कि बड़े शहरों में सिर्फ नौकरी होना काफी नहीं है, बल्कि अच्छी सैलरी, सही बजट प्लानिंग और खर्चों पर नियंत्रण भी बेहद जरूरी है।
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