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शिमला – दिवाली के मौके पर पटाखे जलाते समय सावधानी रखना बेहद जरूरी है। कहीं भी कोई हादसा होने पर तुरंत इमरजेंसी नंबरों पर संपर्क करें। शहर के बड़े अस्पतालों ने इसके लिए इमरजेंसी नंबर जारी किए हैं।
सुरक्षित दिवाली मनाएं – दीपावली का त्यौहार खुशी का प्रतीक है। पटाखे जलाते समय सावधानी बरतें, मानकों का पालन करें, और इस त्यौहार को सुरक्षित तरीके से मनाएं। पीजीआई और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों की सुरक्षा के लिए सलाह जारी की है।
अस्पतालों के इमरजेंसी नंबर – पीजीआई के एडवांस आई सेंटर के डॉ. एसएस पांडव ने कहा कि पटाखे जलाने से दूसरों को चोट लगने की संभावना अधिक रहती है। 30 अक्तूबर से 2 नवंबर तक आपातकालीन देखभाल के लिए इमरजेंसी रोस्टर भी बनाया गया है। जरूरत पड़ने पर नीचे दिए गए नंबरों पर संपर्क करें:
- जीएमसीएच सेक्टर 32 – 01722665545, 01722665549
- जीएमएसएच सेक्टर 16 – 01722782457, 01722720104
- पीजीआई आई सेंटर – 9814014464, 01722756117
सुरक्षा के उपाय
- आंखों में पटाखे की चिंगारी लगे तो उसे मसलें नहीं; साफ पानी से धोकर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
- प्रदूषण से बचाव के लिए दिवाली के बाद डॉक्टर की सलाह से आई ड्रॉप का प्रयोग करें।
- पटाखे जलाते वक्त हमेशा दूरी बनाए रखें और बच्चों को दूर रखें।
- स्पार्कलर, अगरबत्ती या लकड़ी का इस्तेमाल कर पटाखे जलाएं।
- रॉकेट जलाते समय इसे खुली जगह पर जलाएं और आसपास की वस्तुओं का ध्यान रखें।
- चेहरे को दूर रखें, पैरों में जूते पहनें, और हमेशा सावधानी से पटाखे जलाएं।
- एक बाल्टी पानी पास रखें ताकि जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल किया जा सके।
ध्यान रखें
- नायलॉन कपड़े न पहनें, कॉटन कपड़े पहनना सुरक्षित है।
- पटाखे जलाने के लिए माचिस या लाइटर का इस्तेमाल न करें।
- सड़क पर पटाखे न जलाएं और बच्चों को अकेले पटाखे न जलाने दें।
अगर हादसा हो जाए
- जल जाने पर ठंडे पानी से 10 मिनट तक धोएं, बर्फ न लगाएं।
- जली हुई जगह पर एंटीसेप्टिक क्रीम या एलोवेरा जेल लगाएं।
- कपड़ा जलकर चिपक गया हो तो उसे खींचने की कोशिश न करें, डॉक्टर को दिखाएं।
दिवाली को सुरक्षित और खुशी भरे तरीके से मनाएं, और किसी भी आपात स्थिति में ऊपर दिए गए नंबरों पर संपर्क करें।
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