Breaking News

दिव्या देशमुख: शतरंज की नन्हीं मास्टर से ग्रैंडमास्टर तक का सफर

दिव्या देशमुख, जिनका नाम आज भारतीय शतरंज में गर्व से लिया जाता है, ने बहुत ही कम उम्र में शतरंज की दुनिया में कदम रख दिया था। केवल 5 साल की उम्र में उन्होंने शतरंज खेलना शुरू किया था। छोटी उम्र में ही उन्होंने दिखा दिया था कि वो साधारण नहीं, एक खास खिलाड़ी हैं।

दिव्या नागपुर की रहने वाली हैं और पढ़ाई में भी उतनी ही तेज हैं जितनी शतरंज में। उन्होंने स्कूल की पढ़ाई के साथ-साथ शतरंज में भी शानदार प्रदर्शन किया। कई बार उन्हें विदेशों में टूर्नामेंट खेलने जाना होता था, लेकिन उन्होंने पढ़ाई से कभी समझौता नहीं किया।

2021 में दिव्या देशमुख ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की — उन्हें महिला ग्रैंडमास्टर (WGM) का खिताब मिला। यह खिताब पाना किसी भी शतरंज खिलाड़ी के लिए बहुत गर्व की बात होती है। उन्होंने यह मुकाम लगातार मेहनत, स्मार्ट खेल और आत्मविश्वास से पाया। दिव्या ने भारत की तरफ से कई अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में हिस्सा लिया है। उन्होंने एशियन, वर्ल्ड और कई यूरोपीय टूर्नामेंटों में भारत को गौरव दिलाया है। उनकी चालों में चतुराई और आत्मविश्वास साफ नजर आता है।

आज दिव्या देशमुख भारत की उन लड़कियों के लिए प्रेरणा हैं जो खेल के साथ पढ़ाई भी करना चाहती हैं। उन्होंने दिखा दिया है कि मेहनत और समर्पण से कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है।

About Hussain

Check Also

निशांत कुमार के काफिले में दिखीं 13 गाड़ियां, बिहार के स्वास्थ्य मंत्री ने वाहन कम करने से किया इनकार!

बिहार में मंत्री के काफिले पर सियासत तेज, निशांत कुमार के काफिले में दिखीं 13 …

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Channel 009
help Chat?