भारत के पड़ोसी देशों में भूकंप की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे लोगों के बीच दहशत का माहौल बना हुआ है। इसी कड़ी में नेपाल एक बार फिर से गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात भूकंप से हिल गया।
नेपाल में देर रात आया भूकंप
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार, यह भूकंप रात 1:33 बजे आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.3 मापी गई है। भूकंप का केंद्र पृथ्वी की सतह से लगभग 10 किलोमीटर नीचे था। फिलहाल किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है, लेकिन झटकों ने लोगों को एक बार फिर से सतर्क कर दिया है।
ताजिकिस्तान में भी महसूस किए गए झटके
नेपाल के अलावा, ताजिकिस्तान में भी शुक्रवार तड़के भूकंप दर्ज किया गया। यह भूकंप सुबह 4:21 बजे आया और इसकी तीव्रता 3.9 रही। इसका केंद्र भी धरती से करीब 10 किलोमीटर नीचे था।
लगातार बढ़ रही हैं भूकंप की घटनाएं – क्या है वजह?
वर्तमान समय में भूकंप की घटनाओं में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। इसके पीछे वैज्ञानिक कारण टेक्टोनिक प्लेट्स की गतिविधियां हैं। धरती की सतह सात बड़ी टेक्टोनिक प्लेट्स से बनी है, जो निरंतर गतिशील रहती हैं। जब ये प्लेट्स एक-दूसरे से टकराती हैं या आपस में फिसलती हैं, तो ऊर्जा उत्पन्न होती है जो झटकों के रूप में सतह तक पहुंचती है – इसे ही भूकंप कहा जाता है।
निष्कर्ष:
नेपाल और ताजिकिस्तान में आए हालिया भूकंप इस बात की याद दिलाते हैं कि भूकंप संभावित क्षेत्रों में सतर्कता और जागरूकता बनाए रखना कितना जरूरी है। वैज्ञानिक चेतावनियों को गंभीरता से लेना और आपदा प्रबंधन की तैयारी समय की मांग बन चुकी है।
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