नई दिल्ली/इस्लामाबाद – भारत द्वारा सिंधु जल समझौते पर लिए गए कड़े निर्णय के बाद पाकिस्तान में राजनीतिक और सैन्य हलकों में बेचैनी साफ नजर आ रही है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में मिली करारी शिकस्त के बाद पाकिस्तान अब खुलकर धमकियों पर उतर आया है।
DG ISPR की उकसाऊ भाषा
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता DG ISPR लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने हाल ही में बयान दिया कि “अगर भारत सिंधु का पानी रोकेगा, तो हम उसकी सांस रोक देंगे।” यह बयान न केवल भड़काऊ है, बल्कि भारत के खिलाफ अतीत में दिए गए आतंकी बयानों की गूंज भी इसमें सुनाई देती है। गौरतलब है कि यही शब्द मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद भी इस्तेमाल कर चुका है।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ बना पाकिस्तान की चिंता का कारण
भारत के हालिया सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने पाकिस्तान के 11 सैन्य ठिकानों को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। कुछ एयरबेस इस हद तक क्षतिग्रस्त हैं कि वे निकट भविष्य में उपयोग के योग्य नहीं रह गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऑपरेशन को ‘न्याय का नया स्वरूप’ बताते हुए कहा कि यह न तो प्रतिशोध है, न ही युद्ध की सनक, बल्कि यह समर्थ भारत की दृढ़ता का प्रतीक है।
भीतर से टूटता पाकिस्तान, बाहर दिखावा
पाकिस्तान की सरकार और सेना अब आक्रामक भाषा का सहारा लेकर अपनी आंतरिक अस्थिरता से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। शहबाज शरीफ द्वारा POK में दिए गए बयान में डर और हताशा साफ देखी जा सकती है, जिसमें उन्होंने दावा किया कि “अब भारत हमले से पहले 100 बार सोचेगा।”
इतिहास से सबक नहीं ले रहा पाकिस्तान
यह कोई नई बात नहीं है कि पाकिस्तान अपनी हार को स्वीकार करने के बजाय भड़काऊ बयानों और गीदड़भभकियों का सहारा लेता आया है। हर बार की तरह इस बार भी उसके नेताओं और जनरलों की भाषा में धमकी है, लेकिन हकीकत यही है कि भारत की कार्रवाई ने उसे चौतरफा झटका दिया है।
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