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देशभर में 15 लाख दवा दुकानें बंद, ऑनलाइन बिक्री के विरोध में प्रदर्शन
देशभर में ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में करीब 15 लाख दवा दुकानें बंद रहीं। दवा विक्रेताओं का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के कारण छोटे और पारंपरिक मेडिकल स्टोर्स के कारोबार पर असर पड़ रहा है।
हड़ताल का असर कई राज्यों में देखने को मिला। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, चंडीगढ़ और बिहार समेत कई जगहों पर लोगों को दवाएं खरीदने में परेशानी हुई। मरीजों और उनके परिजनों को जरूरी दवाओं के लिए अलग-अलग दुकानों के चक्कर लगाने पड़े।
दवा दुकानदारों का कहना है कि ऑनलाइन दवा बिक्री में नियमों के पालन, नकली दवाओं की रोकथाम और डॉक्टर की पर्ची की जांच जैसे मुद्दों पर सख्ती जरूरी है। उनका आरोप है कि बिना उचित निगरानी के दवाओं की ऑनलाइन बिक्री आम लोगों की सेहत के लिए जोखिम बन सकती है।

वहीं, आम लोगों का कहना है कि अचानक दुकानें बंद होने से परेशानी बढ़ गई। खासकर बुजुर्गों, गंभीर मरीजों और नियमित दवा लेने वाले लोगों को ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
दवा विक्रेता संगठनों ने सरकार से ऑनलाइन फार्मेसी पर स्पष्ट नियम बनाने और पारंपरिक मेडिकल स्टोर्स के हितों की सुरक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जाएगा, विरोध जारी रह सकता है।
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