‘धुरंधर’ जैसी फिल्मों पर दिखता है राजनीतिक दबाव, नफीसा बोलीं- युवा सिनेमा की बदलती राजनीति समझें
channel_009 | Entertainment News
सिनेमा, समाज और राजनीति के रिश्ते पर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। अभिनेत्री और सामाजिक कार्यकर्ता नफीसा अली ने कहा है कि आज के दौर में कई फिल्मों पर राजनीतिक दबाव साफ दिखाई देता है। उन्होंने खास तौर पर ‘धुरंधर’ जैसी फिल्मों का जिक्र करते हुए युवाओं से बदलते सिनेमा की राजनीति को समझने की अपील की।
नफीसा का कहना है कि फिल्में सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं रहीं, बल्कि वे समाज की सोच, राजनीतिक विमर्श और सार्वजनिक राय को भी प्रभावित करती हैं। ऐसे में युवाओं के लिए यह जरूरी है कि वे पर्दे पर दिखाई जा रही कहानी को बिना सवाल किए स्वीकार न करें, बल्कि उसके पीछे के संदेश और मकसद को भी समझें।
वहीं अभिनेता नासर ने युवाओं की निजी जिंदगी और मानसिक दबाव को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि ब्रेकअप जिंदगी का अंत नहीं होता और किसी रिश्ते के टूटने के बाद खुद को खत्म समझ लेना सही नहीं है। उनके मुताबिक, मुश्किल दौर के बाद भी जीवन में नए मौके और नई शुरुआत हमेशा संभव होती है।
दोनों कलाकारों के बयानों ने अलग-अलग मुद्दों को छुआ, लेकिन संदेश एक ही रहा—युवाओं को भावनात्मक और वैचारिक रूप से ज्यादा जागरूक होना चाहिए। एक तरफ सिनेमा की राजनीति को समझना जरूरी है, तो दूसरी तरफ निजी रिश्तों में आने वाली असफलताओं से संभलकर आगे बढ़ना भी उतना ही अहम है।
यह चर्चा अब सोशल मीडिया पर भी तेज हो रही है, जहां लोग फिल्मों पर बढ़ते राजनीतिक प्रभाव और युवाओं की मानसिक सेहत को लेकर अपनी राय रख रहे हैं।
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