लंदन:
ब्रिटेन की गुप्तचर एजेंसी MI6 को पहली बार महिला प्रमुख मिली है — ब्लेज़ मेट्रवेली। लेकिन इस ऐतिहासिक नियुक्ति के तुरंत बाद उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि पर सवाल उठने लगे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, उनके दादा कॉनस्टेंटाइन डोब्रोवोल्स्की द्वितीय विश्व युद्ध के समय नाजी जासूस थे।
क्या है मामला?
डेली मेल की एक रिपोर्ट के अनुसार, कॉनस्टेंटाइन डोब्रोवोल्स्की ने सोवियत रेड आर्मी से धोखा कर नाजियों से हाथ मिला लिया था। वे जर्मन सेना वेरमाख्ट के लिए “एजेंट नंबर 30” के रूप में काम करते थे और उन्हें “द बुचर” (कसाई) के नाम से भी जाना जाता था, क्योंकि उन्होंने यह दावा किया था कि उन्होंने कई यहूदियों की हत्या की थी।
MI6 की प्रतिक्रिया
इस खुलासे के बाद, MI6 और ब्रिटेन के विदेश कार्यालय ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा कि ब्लेज़ मेट्रवेली को अपने दादा के बारे में कोई जानकारी नहीं थी, और ना ही उनका उनसे कभी कोई संपर्क रहा।
एक सरकारी प्रवक्ता ने कहा:
“ब्लेज़ का पारिवारिक इतिहास संघर्षों और विभाजन से भरा है — जो पूर्वी यूरोपीय मूल के कई लोगों के लिए सामान्य बात है। यह जटिलता ही उनके मिशन को प्रेरित करती है — कि वे आधुनिक खतरों से देश की रक्षा करें।”
कौन हैं ब्लेज़ मेट्रवेली?
ब्लेज़ मेट्रवेली (उम्र 47) फिलहाल MI6 की टेक्नोलॉजी विंग की प्रमुख हैं, जिन्हें आंतरिक रूप से “क्यू” के नाम से जाना जाता है। उन्होंने 1999 में MI6 जॉइन किया था और अपनी अधिकांश सेवाएं मध्य-पूर्व और यूरोप में ऑपरेशनल मिशनों में दी हैं।
MI6 में महिला नेतृत्व की शुरुआत
ब्लेज़ मेट्रवेली के नेतृत्व में अब ब्रिटेन की तीनों खुफिया एजेंसियों — MI6, MI5 और GCHQ में महिलाएं शीर्ष पदों पर पहुंच चुकी हैं।
वर्तमान MI6 प्रमुख रिचर्ड मूर इस साल शरद ऋतु में अपने पांच साल के कार्यकाल के बाद पद छोड़ेंगे।
आने वाली चुनौतियां
मेट्रवेली को बतौर MI6 प्रमुख जिन बड़ी चुनौतियों का सामना करना होगा, उनमें प्रमुख हैं:
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रूस द्वारा यूरोप में की जा रही संदिग्ध तोड़फोड़ की घटनाएं
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चीन और ईरान से बढ़ते साइबर खतरे
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और यूक्रेन को समर्थन देने वाले देशों को डराने की रूसी रणनीति
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