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टीकमगढ़। निवाड़ी जिले का दायरा बढ़ाने के लिए परिसीमन किया जा रहा है, जिसके तहत दिगौड़ा और मोहनगढ़ तहसील के कुछ गांवों को निवाड़ी जिले में जोड़ा जा रहा है। इस फैसले के खिलाफ कस्बे के लोगों ने दिगौड़ा पुलिस थाना में कथन दर्ज कराए और लाउड स्पीकर के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में विरोध शुरू कर दिया है। इसके साथ ही जिला प्रशासन को चेतावनी दी गई है कि यदि यह प्रक्रिया नहीं रोकी गई, तो जनता सड़कों पर उतरेगी और इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
सोमवार को गांव में विरोध प्रदर्शन किया गया और मंगलवार को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद 7 फरवरी को भूख हड़ताल और आमरण अनशन पर बैठने का फैसला लिया गया है।
निवाड़ी जिले से जुड़ने के विरोध में कथन
कस्बे के लोगों ने पुलिस थाना में जाकर यह बताया कि उन्हें समाचार पत्रों से जानकारी मिली कि मध्यप्रदेश सरकार निवाड़ी जिले का दायरा बढ़ाने के लिए परिसीमन कर रही है, जिसमें दिगौड़ा और मोहनगढ़ तहसील के गांवों को सम्मिलित किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि दिगौड़ा से टीकमगढ़ जिला मुख्यालय की दूरी महज 24 किलोमीटर है और वहां आने-जाने के लिए पर्याप्त साधन हैं, जबकि दिगौड़ा से निवाड़ी मुख्यालय की दूरी 60 किलोमीटर है, और वहां आने-जाने के साधन कम हैं, जिससे लोगों को परेशानी होगी।
आंदोलन की चेतावनी
लोगों ने साफ कहा कि यदि दिगौड़ा तहसील के गांवों को निवाड़ी जिले में जोड़ा गया, तो वह बड़ा आंदोलन करेंगे। मंगलवार को कलेक्टर के नाम आवेदन दिया जाएगा और यदि दिगौड़ा तहसील के गांवों को अलग किया गया, तो 7 फरवरी को भूख हड़ताल और आमरण अनशन किया जाएगा।
विरोध प्रदर्शन का आयोजन
सोमवार को समाजसेवी रमाशंकर पस्तोर ने लाउडस्पीकर से लोगों को बताया कि यदि दिगौड़ा तहसील को निवाड़ी जिले में जोड़ा गया, तो आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मंगलवार को तहसील कार्यालय में कलेक्टर के नाम ज्ञापन दिया जाएगा और भारी संख्या में लोग इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे।
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