दोहा/तेल अवीव: गाजा पट्टी में युद्धविराम को लेकर चल रही बातचीत के बीच इजराइल और कतर के रिश्तों में तल्खी आ गई है। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू द्वारा कतर पर हमास के पक्ष में झुकाव का आरोप लगाने के बाद कतर ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे “उकसाने वाला” और “गैर-जिम्मेदाराना” बयान करार दिया है।
नेतन्याहू की टिप्पणी बनी विवाद की वजह
शनिवार को इजराइली प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में नेतन्याहू ने कहा कि कतर को यह तय करना चाहिए कि वह सभ्यता के साथ है या आतंकवाद के। उन्होंने कतर पर गाजा युद्धविराम वार्ता में “दोहरी भूमिका” निभाने का आरोप लगाया।
कतर का कड़ा जवाब
इस बयान के जवाब में कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने नेतन्याहू के बयान को खारिज करते हुए कहा कि यह राजनीतिक और नैतिक जिम्मेदारी की सभी सीमाओं को पार करता है। कतर ने साफ किया कि वह अमेरिका और मिस्र के साथ मिलकर हमास और इजराइल के बीच मध्यस्थता कर रहा है और नेतन्याहू की टिप्पणी से इस प्रक्रिया को नुकसान हो सकता है।
बातचीत में प्रगति ठप
हालांकि मध्यस्थता की कोशिशें जारी हैं, लेकिन गाजा में संघर्षविराम को लेकर कोई ठोस समझौता सामने नहीं आया है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर बातचीत में रुकावट पैदा करने का आरोप लगा रहे हैं। इसका सीधा असर गाजा की आम जनता पर पड़ रहा है, जहां हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
मानवीय संकट गहराया
गाजा में युद्ध शुरू हुए 19 महीने हो चुके हैं और इजराइल की बमबारी अब भी जारी है। मानवीय सहायता के बाधित होने से इलाके में भुखमरी और स्वास्थ्य संकट गहराता जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने इजराइल से अपील की है कि वह मानवीय राहत सामग्री को गाजा पहुंचने दे, लेकिन अब तक राहत की कोई बड़ी पहल सफल नहीं हो सकी है।
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