19 मई 2025 |
सर्बिया के दूसरे सबसे बड़े शहर नोवी साद में एक दुखद रेल दुर्घटना के बाद देश की राजनीति में जबरदस्त हलचल देखी जा रही है। इस हादसे में रेलवे स्टेशन की छत ढह जाने से 16 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों घायल हुए। यह घटना एक नवंबर को उस वक्त हुई जब स्टेशन पर बड़ी संख्या में यात्री मौजूद थे।
दुर्घटना के पीछे अधूरी तैयारी और जल्दबाज़ी?
नोवी साद स्टेशन को बेलग्रेड से बुडापेस्ट के बीच शुरू की जाने वाली हाई-स्पीड रेल परियोजना का केंद्र माना जा रहा था। यह योजना राष्ट्रपति अलेक्सेंडर व्यूचिच के प्रमुख विकास एजेंडे का हिस्सा थी, जिससे उन्हें राजनीतिक लोकप्रियता मिलने की उम्मीद थी।
हालांकि अब यह परियोजना आलोचना के घेरे में है। कई पर्यवेक्षकों का मानना है कि सरकार ने उद्घाटन और निर्माण प्रक्रिया में तेजी दिखाकर सुरक्षा मानकों से समझौता किया, जिससे यह दुर्घटना घटी।
छात्रों के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन
दुर्घटना के बाद से सर्बिया में असंतोष की लहर दौड़ गई है। सबसे पहले विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों ने बेलग्रेड और अन्य शहरों में प्रदर्शन शुरू किए। देखते ही देखते ये विरोध 400 से अधिक शहरों और कस्बों में फैल गए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह हादसा सरकार की व्यवस्था और जवाबदेही की विफलता को दर्शाता है।
सरकार की प्रतिक्रिया और राजनीतिक दबाव
सरकार ने इस घटना को “राष्ट्रीय त्रासदी” बताते हुए जांच का आदेश दिया है, लेकिन जनता और विपक्षी नेताओं को यह नाकाफी लग रहा है। विरोधियों का आरोप है कि व्यूचिच सरकार सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की उपेक्षा करती आई है और यह हादसा उसी लापरवाही का नतीजा है।
वहीं, राष्ट्रपति व्यूचिच ने एक सार्वजनिक बयान में दुख जताया और पीड़ित परिवारों को सहायता का वादा किया। उन्होंने साथ ही राजनीतिक लाभ उठाने वालों को “असंवेदनशील” बताया।
क्या खतरे में है राष्ट्रपति का पद?
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि इस आंदोलन ने सर्बिया में लोकतंत्र और पारदर्शिता की मांग को एक नई ताकत दी है। यदि विरोध लंबे समय तक जारी रहा और सरकार की जवाबदेही तय नहीं हुई, तो आने वाले चुनावों में व्यूचिच की स्थिति कमज़ोर हो सकती है।
हालांकि, अभी तक सत्ता परिवर्तन की कोई सीधी संभावना नहीं दिखाई दे रही है, लेकिन जनता का आक्रोश एक बड़े राजनीतिक मोड़ का संकेत जरूर दे रहा है।
CHANNEL009 Connects India
