: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले को लेकर इंडोनेशिया ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। विश्व के सबसे बड़े मुस्लिम बहुल देशों में से एक, इंडोनेशिया ने इस हमले की निंदा करते हुए आतंकवाद को इस्लामी मूल्यों के खिलाफ बताया। इंडोनेशियाई राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना उसे संवाद और शांतिपूर्ण समाधान का रास्ता अपनाने की सलाह दी है।
🕊 “हमारा इस्लाम ऐसा नहीं सिखाता” — इंडोनेशियाई राष्ट्रपति
राष्ट्रपति सुबियांतो ने जकार्ता में भारत के राजदूत संदीप चक्रवर्ती से मुलाकात के दौरान पहलगाम हमले पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “हमारे यहां इस्लाम ऐसा कोई कार्य नहीं सिखाता, जो निर्दोष लोगों की जान ले।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि आतंकवाद से किसी भी समस्या का समाधान संभव नहीं है, और शांति की राह संवाद और आपसी समझ से ही निकलेगी।
💬 शांति और सहयोग पर ज़ोर
प्रबोवो ने कहा कि आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई में इंडोनेशिया भारत के साथ खड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में सेना की भूमिका संतुलित और अनुशासित होनी चाहिए, ताकि आतंकवाद जैसी समस्याओं से निपटा जा सके। दोनों देशों के नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
🌏 पाकिस्तान के लिए परोक्ष चेतावनी?
हालांकि राष्ट्रपति सुबियांतो ने पाकिस्तान का नाम सीधे नहीं लिया, लेकिन उनके बयान को विशेषज्ञ पाकिस्तान के लिए स्पष्ट संदेश मान रहे हैं। एक मुस्लिम राष्ट्र के नेता द्वारा इस तरह की टिप्पणी पाकिस्तान के लिए कूटनीतिक रूप से बड़ा संकेत मानी जा रही है, खासकर जब वह वैश्विक मंचों पर खुद को आतंकवाद से दूर बताने की कोशिश करता है।
🤝 भारत-इंडोनेशिया संबंधों को मजबूती
यह घटना दोनों देशों के बीच सुरक्षा और कूटनीतिक रिश्तों को नई मजबूती देने का काम कर सकती है। इंडोनेशिया का यह रुख मुस्लिम दुनिया में एक सकारात्मक उदाहरण बन सकता है कि किस तरह धार्मिक मूल्यों का प्रयोग शांति और सहयोग के लिए किया जाना चाहिए, न कि हिंसा और कट्टरता के लिए।
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