नई दिल्ली/इस्लामाबाद: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत की कड़ी और त्वरित कार्रवाइयों ने पाकिस्तान में चिंता की लहर दौड़ा दी है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा आतंकी ठिकानों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों और पाकिस्तान से हर प्रकार के व्यापारिक व कूटनीतिक संबंधों को सीमित किए जाने के बाद, इस्लामाबाद में स्थिति तनावपूर्ण हो गई है।
भारत की सख्ती के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पहली बार सार्वजनिक रूप से आतंकवाद की आलोचना की है। शरीफ ने शनिवार को एक बयान में कहा कि पाकिस्तान “हर प्रकार के आतंकवाद का विरोध करता है” और पहलगाम में हुए हमले की निंदा करता है।
शहबाज शरीफ ने यह टिप्पणी तुर्की के राजदूत डॉ. इरफान नजीरओग्लू से मुलाकात के दौरान की। इस अवसर पर उन्होंने यह भी कहा कि भारत द्वारा लिए गए “आक्रामक कदमों” के बावजूद पाकिस्तान ने संयम और संतुलन बनाए रखा है।
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान अब अपने पारंपरिक सहयोगी देशों—चीन और तुर्की—से समर्थन मांग रहा है ताकि क्षेत्रीय दबाव का सामना किया जा सके। रेडियो पाकिस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, शरीफ ने भारत की कार्रवाइयों को “उकसावे भरा” बताया, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि पाकिस्तान ने अब तक ज़िम्मेदारी से काम लिया है।
यह पहला अवसर है जब शहबाज शरीफ ने किसी आतंकी घटना के संबंध में खुलकर आतंकवाद के खिलाफ बयान दिया है, जो भारत के निरंतर दबाव का परिणाम माना जा रहा है।
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