मास्को/इस्तांबुल: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के साथ बिना किसी पूर्व शर्त के सीधे संवाद के लिए सहमति दे दी है। यह वार्ता 15 मई को तुर्की के इस्तांबुल में प्रस्तावित है और इसे रूस-यूक्रेन युद्ध में संभावित शांति प्रयासों की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
🔹 वार्ता की नई पहल
क्रेमलिन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि रूस 2022 में शुरू हुई शांति वार्ताओं को फिर से जीवित करना चाहता है और वह इसके लिए तैयार है कि बिना किसी शर्त के वार्ता शुरू की जाए। इस प्रस्ताव से यूक्रेन संघर्ष में एक संभावित युद्धविराम की उम्मीदें जागी हैं, हालांकि इस पर यूक्रेन की प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।
🔹 पश्चिमी दबाव के बीच आया प्रस्ताव
पुतिन की यह पहल ऐसे समय पर सामने आई है जब चार प्रमुख यूरोपीय देशों ने यूक्रेन में 30-दिवसीय बिना शर्त युद्धविराम की मांग रखी थी। हालांकि, यूक्रेन की ओर से अभी तक इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया गया है। यूरोपीय देशों की इस अपील के चलते पुतिन पर कूटनीतिक दबाव बढ़ रहा था, जिसके बाद यह वार्ता प्रस्ताव सामने आया है।
🔹 अमेरिका की भूमिका
पश्चिमी देशों, विशेष रूप से अमेरिका, ने लंबे समय से रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को समाप्त करने के लिए मध्यस्थता की कोशिश की है, लेकिन अब तक कोई ठोस सफलता हाथ नहीं लगी। रूस के इस नवीनतम बयान को अमेरिका और यूरोप दोनों के लिए एक संधि के संभावित द्वार के रूप में देखा जा रहा है।
निष्कर्ष: पुतिन की ओर से बिना किसी शर्त के सीधी वार्ता का प्रस्ताव एक सकारात्मक कूटनीतिक संकेत माना जा सकता है। अब निगाहें यूक्रेन की प्रतिक्रिया और 15 मई को इस्तांबुल में होने वाली संभावित वार्ता पर टिकी हैं।
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