इस्लामाबाद/नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया संघर्षविराम के फैसले के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उनके “सक्रिय नेतृत्व” के लिए धन्यवाद दिया है। यह बयान ऐसे समय आया है जब सीजफायर के कुछ ही घंटों बाद पाकिस्तान की ओर से गोलीबारी की खबर सामने आई थी, जिसे लेकर भारत ने कड़ा विरोध जताया है।
🔹 ट्रंप को सराहा, अमेरिका की भूमिका की तारीफ
प्रधानमंत्री शरीफ ने सोशल मीडिया मंच एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा:
“हम राष्ट्रपति ट्रंप को दक्षिण एशिया में शांति के लिए उनके नेतृत्व और सकारात्मक प्रयासों के लिए धन्यवाद देते हैं। पाकिस्तान अमेरिका की उस भूमिका की सराहना करता है, जिसकी वजह से यह समझौता संभव हो सका।”
उन्होंने आगे कहा कि यह एक “नई शुरुआत” है, जो उन पुरानी समस्याओं की ओर समाधान का रास्ता खोल सकती है जो इस क्षेत्र की शांति और स्थिरता में बाधा बन रही थीं।
🔹 अमेरिकी नेताओं का भी किया ज़िक्र
शरीफ ने अमेरिका के उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो का भी आभार जताया और कहा कि इन सभी प्रयासों से यह स्पष्ट होता है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय दक्षिण एशिया में स्थायी समाधान और सहयोग की ओर देख रहा है।
🔹 भारत की प्रतिक्रिया: उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई
सीजफायर के कुछ ही घंटों बाद पाकिस्तान द्वारा नियंत्रण रेखा पर गोलीबारी की खबर सामने आई, जिसे लेकर भारत ने सख्त ऐतराज़ जताया। भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा है कि
“भारतीय सुरक्षा बलों को किसी भी उल्लंघन का सटीक और निर्णायक जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं।”
11 मई की सुबह जम्मू-कश्मीर में शांति देखी गई, लेकिन सतर्कता अब भी बरकरार है।
🔹 DGMO स्तर की बातचीत जारी रहेगी
10 मई को दोनों देशों के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन्स (DGMO) के बीच बातचीत हुई थी, जिसमें संघर्षविराम को लागू करने पर सहमति बनी थी। अब 12 मई को फिर से DGMO स्तर की बैठक प्रस्तावित है, जो हालात की समीक्षा और आगे की रणनीति पर केंद्रित होगी।
भारत की ओर से DGMO की भूमिका में लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई हैं, जो सेना प्रमुख को सीधे रिपोर्ट करते हैं और संचालनात्मक निर्णयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
निष्कर्ष: पाकिस्तान ने जहां अमेरिका की भूमिका की सराहना की है, वहीं भारत अपनी सीमा सुरक्षा पर अडिग है। अब DGMO स्तर की आगामी बैठक से यह तय होगा कि क्या यह संघर्षविराम स्थायी शांति का रास्ता बन पाएगा या फिर एक और अल्पकालिक विराम साबित होगा।
CHANNEL009 Connects India
