राजस्थान के पूर्व कैबिनेट मंत्री हेम सिंह भड़ाना का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव भगेरी कलां, किशनगढ़बास में हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग और राजनीतिक हस्तियां मौजूद रहीं।
निधन की जानकारी
हेम सिंह भड़ाना (59) लंबे समय से कैंसर से पीड़ित थे। हाल ही में ब्रेन हेमरेज के बाद उन्हें गुरुग्राम के फोर्टिस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। पांच दिन पहले वे घर लौटे थे। सोमवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अलवर के निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिवार
भड़ाना के दो बेटे और दो बेटियां हैं। बड़ा बेटा धीरेंद्र भड़ाना व्यवसाय में सक्रिय है और छोटे बेटे सुरेंद्र भड़ाना राजनीति में हैं।
राजनीतिक जीवन
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2008 में थानागाजी से भाजपा के टिकट पर विधायक बने।
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2013 में दूसरी बार विधायक चुने गए।
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2014-2016 तक वसुंधरा सरकार में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग के राज्य मंत्री रहे।
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2016-2018 तक मुद्रण, लेखन सामग्री, स्टेट मोटर गैराज और सामान्य प्रशासन विभाग के कैबिनेट मंत्री रहे।
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2018 में भाजपा ने टिकट नहीं दिया, निर्दलीय चुनाव लड़े और दूसरे स्थान पर रहे।
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2023 में कांग्रेस प्रत्याशी कांति मीणा से चुनाव हार गए।
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2005 में पंचायत समिति किशनगढ़बास के प्रधान भी रहे।
शिक्षा और अन्य गतिविधियां
हेम सिंह भड़ाना 1991-92 में राजकीय कला एवं विधि महाविद्यालय (अलवर) के छात्रसंघ अध्यक्ष रहे। एलएलबी करने के बाद उन्होंने वकालत भी की।
अंतिम संस्कार
भड़ाना का अंतिम संस्कार उनके बड़े बेटे धीरेंद्र भड़ाना ने मुखाग्नि देकर किया। इस अवसर पर कई नेता और गणमान्य लोग मौजूद थे, जिनमें शामिल थे:
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गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म
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वन राज्य मंत्री संजय शर्मा
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तिजारा विधायक महंत बालक नाथ योगी
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रामगढ़ विधायक सुखवंत सिंह
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बहरोड़ विधायक डॉ. जसवंत यादव
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जिला प्रमुख बलबीर छिल्लर, पूर्व विधायक रामहेत यादव
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कांग्रेस जिलाध्यक्ष बलराम यादव, प्रकाश गंगावत, पूर्व कैबिनेट मंत्री शकुंतला रावत, और कई अन्य लोग।
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