जयपुर में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के चलते काम कर रहे बंगाली कारीगर अपने घर लौट रहे हैं। इससे शहर में ज्वेलरी, हैंडिक्राफ्ट और घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहा है। अनुमान है कि ज्वेलरी उत्पादन लगभग 50 प्रतिशत कम हो जाएगा और ऑर्डर समय पर पूरे नहीं हो पाएंगे।
मुख्य बातें:
- जयपुर में अधिकांश ज्वेलरी निर्माण बंगाली कारीगरों पर निर्भर है। इनके जाने से शादी और त्योहारों के सीजन में समय पर ज्वेलरी की डिलीवरी मुश्किल होगी।
- कारीगर वोट देने के लिए 15-20 दिन के लिए घर जा रहे हैं। कई कारीगरों ने बताया कि वोट न देने पर नाम लिस्ट से कट सकता है।
- घरों में खाना बनाने और अन्य घरेलू काम भी प्रभावित हो रहे हैं, क्योंकि अधिकतर बंगाली महिलाएं इन कामों में लगी हैं।
- व्यापारियों ने नए ऑर्डर रोक दिए हैं और डिलीवरी की गारंटी नहीं दे रहे।
- आलोक सौंखिया (अध्यक्ष, ज्वेलर्स एसोसिएशन) के अनुसार, उत्पादन कम होने से करोड़ों रुपए का कारोबार प्रभावित होगा।
कारीगरों का कहना:
- गोपीनाथ, हावर्ड जिले: “मतदान के लिए जाना जरूरी है। वहां 20 दिन रहेंगे।”
- ममता रॉय, होटल कर्मचारी: “अगर वोट न दूं तो नाम लिस्ट से कट जाएगा, इसलिए जाना जरूरी है।”
जयपुर के ज्वेलरी और हैंडिक्राफ्ट कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है क्योंकि इस बार बड़ी संख्या में कारीगर अपने वोट देने के लिए घर लौट रहे हैं।
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