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राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को बजट पूर्व संवाद के तहत उद्योग, व्यापार, कर सलाहकार संघों और सेवा क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की। इस बैठक में विभिन्न सेक्टर्स से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
उठाए गए प्रमुख मुद्दे:
- महिलाओं के लिए स्टाम्प ड्यूटी घटाकर 2% करने की मांग।
- सरकारी वेबसाइट पर 3.91 करोड़ लोगों के डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह।
- कोविड-19 से प्रभावित उद्योगों को निवेश प्रोत्साहन योजना (RIPS 2024) में शामिल करने की मांग।
- वेयरहाउस, धर्मकांटा, लॉजिस्टिक और कोरियर सर्विस को उद्योग का दर्जा देने की मांग।
सीएम ने दिया आश्वासन
मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योग और सेवा क्षेत्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और इसे 350 बिलियन डॉलर तक ले जाने के लिए इन क्षेत्रों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उद्यमियों की मांगें
उद्यमियों ने सरकार से आग्रह किया कि राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (RIPS) 2024 और अन्य नीतियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
कर सलाहकारों की मांगें
- जीएसटी सरलीकरण और पंजीयन संबंधी समस्याओं को दूर करने की आवश्यकता जताई।
- जयपुर में जीएसटी ट्रिब्यूनल की स्थापना की मांग रखी गई।
उद्योगपतियों के सुझाव
- गारमेंट उद्योग के प्रतिनिधियों ने अपैरल पार्क बनाने और फैक्ट्री की ऊंचाई 10 मंजिल तक बढ़ाने की अनुमति मांगी।
- एमएसएमई सेक्टर के विस्तार के लिए विशेष इंसेंटिव देने की सिफारिश की गई।
- संभाग मुख्यालयों पर मॉडल करियर सेंटर खोलने का सुझाव दिया गया।
अन्य अहम मांगें
- बिजली के बिल में यूल सरचार्ज हटाने की मांग।
- पुरुषों के लिए स्टाम्प ड्यूटी 4% और महिलाओं के लिए 2% करने का प्रस्ताव।
मुख्यमंत्री भजनलाल ने प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि सभी सुझावों पर विचार कर आर्थिक नीतियों में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे।
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