कराची: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक बार फिर हिंसा ने आम लोगों को दहशत में डाल दिया है। हाल ही में अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने चार ट्रक चालकों का अपहरण कर उनकी निर्मम हत्या कर दी। यह घटना क्वेटा-ताफ्तान राजमार्ग पर हुई, जहां से ट्रक चालकों को अगवा किया गया था।
राजमार्ग पर रोके गए ट्रक, चालकों को किया अगवा
बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद ने जानकारी दी कि यह घटना नोश्की के गलांगूर इलाके में हुई, जो क्वेटा से लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित है। ट्रक चालक ईरान से आयात की गई रसोई गैस ले जा रहे थे, जब उन्हें अहमदवाल क्षेत्र में नकाबपोश हथियारबंद लोगों ने रोका और जबरन अपने साथ ले गए।
शवों की बरामदगी और पहचान
पुलिस ने बताया कि स्थानीय निवासियों की सूचना के आधार पर इलाके में तलाशी ली गई, जहां चारों चालकों के गोलियों से छलनी शव मिले। मृतकों की पहचान पंजाब के रहीमयार खान और पाकपट्टन जिलों के रहने वाले व्यक्तियों के रूप में की गई है।
अब तक किसी संगठन ने नहीं ली जिम्मेदारी
हत्या की इस नृशंस वारदात की जिम्मेदारी अभी तक किसी भी संगठन ने नहीं ली है। हालांकि, बलूचिस्तान में बाहरी प्रांतों से आने वाले मजदूरों और कामगारों पर हमलों का इतिहास रहा है। यह घटना उसी क्रम में एक और दर्दनाक कड़ी जोड़ती है।
इससे पहले भी हो चुके हैं ऐसे हमले
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फरवरी 2025: बरखान हाईवे पर बस रोककर पहचान पत्रों की जांच के बाद 8 पंजाबी यात्रियों की हत्या।
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मार्च 2025: कलात जिले में 4 मजदूरों को गोली मार दी गई।
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अक्टूबर 2024: डुकी इलाके की एक कोयला खदान में घुसकर 20 मजदूरों की हत्या, जिनमें से 4 अफगानी नागरिक थे।
बलूचिस्तान में बढ़ती हिंसा पर चिंता
लगातार हो रही इन घटनाओं ने बलूचिस्तान में काम करने वाले बाहरी श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां वर्षों से सक्रिय अलगाववादी गुटों और कट्टरपंथी संगठनों की हिंसक गतिविधियों ने इस क्षेत्र को अस्थिर बना रखा है।
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