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छत्तीसगढ़: बलौदा बाजार हिंसा मामले में 112 लोगों को हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिली है। कोर्ट ने प्रत्येक को 25,000 रुपये के निजी बांड पर रिहा करने का आदेश दिया है। साथ ही, ट्रायल कोर्ट में जरूरत पड़ने पर हाजिर होना अनिवार्य होगा, अन्यथा जमानत रद्द हो जाएगी।
क्या है मामला?
- 10 जून 2024 को बलौदा बाजार कलेक्ट्रेट और एसपी कार्यालय में हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ हुई थी।
- सतनामी समाज के कुछ लोगों पर 257 से ज्यादा वाहन जलाने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप है।
- इस घटना के बाद 43 मामले दर्ज हुए और 187 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
हाईकोर्ट ने क्यों दी जमानत?
- पहले ही 60 आरोपियों को जमानत मिल चुकी थी।
- शासकीय वकील ने जमानत का विरोध करते हुए अपराध की गंभीरता और कानून व्यवस्था पर असर का तर्क दिया।
- कोर्ट ने केस डायरी और आरोप-पत्र का अध्ययन किया और पाया कि आरोपी 7-8 महीने से जेल में हैं और मुकदमे में अभी समय लग सकता है।
- कोर्ट ने कहा कि आरोपियों को हिरासत में रखने का अब कोई विशेष कारण नहीं है, इसलिए उन्हें सशर्त जमानत देना उचित होगा।
जमानत की शर्तें:
- 25,000 रुपये का व्यक्तिगत बांड भरना होगा।
- ट्रायल कोर्ट में जरूरत पड़ने पर हाजिर होना अनिवार्य होगा, वरना जमानत रद्द हो जाएगी।
अब सभी 112 आरोपियों को जेल से रिहा कर दिया गया है, और मामला अभी भी अदालत में विचाराधीन है।
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