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बहराइच। जिला अधिकारी (डीएम) मोनिका रानी ने महिला कल्याण, बाल विकास और पोषाहार विभाग की कार्यप्रणाली में लापरवाही पाए जाने पर बड़ी कार्रवाई की है। नवाबगंज के सीडीपीओ सुशील कुमार को उनके पद से हटाकर मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। डीएम के इस एक्शन के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है।
काम में लापरवाही पर हुई कार्रवाई
जिले में फेस ऑथेंटिकेशन मॉड्यूल को लागू करने के लिए समीक्षा बैठक बुलाई गई थी। नवाबगंज क्षेत्र की प्रगति संतोषजनक न होने पर डीएम ने सख्त रुख अपनाया और संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की। साथ ही सभी मुख्य सेविकाओं को चेतावनी दी गई कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सुधार लाएं वरना उनके खिलाफ भी कठोर कदम उठाए जाएंगे।
डीएम का निर्देश – लाभार्थियों को करें जागरूक
डीएम ने निर्देश दिया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और पंचायत सहायक मिलकर लाभार्थियों को समझाएं कि वे फेस ऑथेंटिकेशन और ई-केवाईसी कराने में सहयोग करें। अगर लाभार्थी यह प्रक्रिया नहीं अपनाते हैं, तो उनका पोषाहार रोका जा सकता है।
1 जुलाई से अनिवार्य होगी पोषण ट्रैकर पर फीडिंग
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के निर्देशानुसार, 1 जुलाई 2025 से पोषण ट्रैकर ऐप पर सभी लाभार्थियों की उपस्थिति और पोषाहार की जानकारी दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसमें 6 महीने से 6 साल तक के बच्चे, गर्भवती महिलाएं, धात्री महिलाएं और किशोरी बालिकाएं शामिल हैं।
इस मौके पर डीडीओ राजकुमार, डीपीओ राजकपूर, सभी सीडीपीओ, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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